जलसंकट: इंदौर में बिगड़ रहे हालात नगर निगम के 6500 बोरिंग में से 3538 पूरी तरह सूख गए

जलसंकट: इंदौर में बिगड़ रहे हालात नगर निगम के 6500 बोरिंग में से 3538 पूरी तरह सूख गए

शहर में निगम के 6500 बोरिंग हैं। इनमें से 3538 सूख चुके हैं। पिछले वर्ष गर्मी से इस वर्ष गर्मी के बीच शहर में सात नई टंकियां शुरू की गई हैं। …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 19 May 2026 08:30:33 AM (IST)Updated Date: Tue, 19 May 2026 08:30:33 AM (IST)

जलसंकट: इंदौर में बिगड़ रहे हालात नगर निगम के 6500 बोरिंग में से 3538 पूरी तरह सूख गए
इंदौर में टैंकरों से बांटा जा रहा है पानी। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. महापौर ने एलएंडटी को लगाई फटकार, टंकियों से जलापूर्ति बढ़ाने पर जोर
  2. शहर के आधे से ज्यादा सरकारी बोरिंग सूख चूके हैं
  3. ज्यादातर क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से नर्मदा जल पहुंचाया जा रहा है

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर के आधे से ज्यादा सरकारी बोरिंग सूख चूके हैं। यही वजह है कि ज्यादातर क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से नर्मदा जल पहुंचाया जा रहा है। सोमवार को गंभीर स्थिति को देखते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में स्काडा सेंटर में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई।

बैठक में बताया गया कि शहर में निगम के 6500 बोरिंग हैं। इनमें से 3538 सूख चुके हैं। पिछले वर्ष गर्मी से इस वर्ष गर्मी के बीच शहर में सात नई टंकियां शुरू की गई हैं। इनसे लगभग 20 प्रतिशत जनसंख्या को लाभ मिल रहा है। साथ ही 20 एमएलडी अतिरिक्त जल टंकियों से टैंकर के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि अगले एक-दो दिन में शहर के लगभग 95 प्रतिशत क्षेत्रों में जलापूर्ति सामान्य हो जाएगी।

650 निगम टैंकर और 100 से अधिक अतिरिक्त टैंकरों से आपूर्ति

वर्तमान में जल संकट से निपटने के लिए नगर निगम के लगभग 650 टैंकरों के साथ-साथ 100 से अधिक अतिरिक्त टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचा रहा है। बैठक में महापौर ने एलएंडटी के पास पर्याप्त टीम नहीं पर फटकार लगाई.

वॉल्व में सीपेज और छेड़छाड़ से बाधित हुई जलापूर्ति

बैठक में जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा ने बताया कि तकनीकी जांच में यह बात सामने आई है कि कई टंकियों और मुख्य पाइप लाइनों के वाल्व में सीपेज और छेड़छाड़ के मामले सामने आए हैं। बीएफ-2 लाइन से जुड़ी 18 टंकियां प्रभावित हुईं। लालबाग के पास मास्टर वाल्व में सीपेज मिला, जबकि गंगवाल, शिवानी नगर और अन्य क्षेत्रों में भी वाल्व से छेड़छाड़ पाई गई। इसके बाद सभी वाल्वमैन की बैठक लेकर जवाबदेही तय की गई। टैंकर संचालकों को साढ़े तीन करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है, ताकि जलापूर्ति बाधित न हो।

विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 5 में 25 टंकियों से आपूर्ति

बैठक में विधानसभा क्षेत्र 5 के जल संकट की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस क्षेत्र में 25 जल टंकियां संचालित हैं और सभी में नियमित रूप से पानी भरा जा रहा है। मूसाखेड़ी में स्थापित SCADA सिस्टम के माध्यम से प्रत्येक जलाशय और टंकी में भेजे जा रहे पानी की लाइव मानिटरिंग की जा सकती है। महापौर ने कहा कि जलापूर्ति में भेदभाव के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। जहां पाइपलाइन से पानी नहीं पहुंच पा रहा है, वहां प्रत्येक पार्षद को टैंकर उपलब्ध कराए गए हैं।

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