इंदौर के बड़े हिस्से की प्यास बुझाने वाले यशवंत सागर की जल-संग्रहण क्षमता नगर निगम बढ़ाने जा रहा है। देवधरम फिल्टर स्टेशन पर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। इसके लिए जल्द ही काम शुरू होने वाला है। इसके बाद हर दिन यशवंत सागर से अधिक पानी लिया जा सकेगा और दस टंकियां भरी जा सकेंगी। अभी छह टंकियों से पानी की सप्लाई होती है।
इस साल शहर में जलसंकट ने शहरवासियों को परेशान किया और निगम अफसरों को भी चिंता में डाल दिया। अगले साल फिर जलसंकट न हो, इसके लिए यशवंत सागर से अधिक पानी लेने की योजना बनाई गई है। पंद्रह साल पहले नगर निगम ने यशवंत सागर तालाब/बांध की ऊंचाई बढ़ाई थी। उसके बाद से तालाब में जून तक पानी रहता है। फिलहाल तालाब से 54 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी लेकर छह टंकियां भरी जाती हैं और सुपर कॉरिडोर क्षेत्र के कुछ संस्थानों को भी पानी दिया जाता है। ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ने के बाद अधिक मात्रा में जल उपलब्ध हो सकेगा। इससे शहर के पश्चिमी हिस्से को गर्मी के दिनों में फायदा होगा और दस टंकियां भरी जा सकेंगी।
जलकार्य समिति प्रभारी अभिषेक शर्मा ‘बबलू’ ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर जल्द काम शुरू किया जाएगा, ताकि जून तक तालाब में बचे पानी का उपयोग सप्लाई के लिए किया जा सके। घरों तक पानी पहुंचाने में यशवंत सागर के पानी की लागत 12 रुपये प्रति हजार लीटर आती है, जबकि नर्मदा जल की लागत 26 रुपये प्रति हजार लीटर है।
लिंबोदी तालाब को किया जा रहा है जिंदा
नगर निगम लिंबोदी तालाब को भी पुनर्जीवित कर रहा है। तालाब का गहरीकरण और खुदाई का काम किया जा रहा है। इसके बाद तालाब की पाल को मजबूत किया जाएगा। इस काम के लिए नगर निगम पांच करोड़ रुपये खर्च कर रहा है।
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