महाकुंभ से प्रसिद्ध हुई मोनालिसा पहुंचीं हाई कोर्ट, जन्म प्रमाणपत्र में फर्जी तरीके से हेराफेरी का लगाया आरोप

महाकुंभ से प्रसिद्ध हुई मोनालिसा पहुंचीं हाई कोर्ट, जन्म प्रमाणपत्र में फर्जी तरीके से हेराफेरी का लगाया आरोप

गौरतलब है कि खरगोन के महेश्वर निवासी मोनालिसा भोसले पिछले वर्ष महाकुंभ के दौरान रुद्राक्ष की माला बेचते हुए इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हुई थी। …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 19 May 2026 10:37:58 PM (IST)Updated Date: Tue, 19 May 2026 10:37:58 PM (IST)

महाकुंभ से प्रसिद्ध हुई मोनालिसा पहुंचीं हाई कोर्ट, जन्म प्रमाणपत्र में फर्जी तरीके से हेराफेरी का लगाया आरोप
महाकुंभ से प्रसिद्ध हुई मोनालिसा पहुंचीं हाई कोर्ट

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। कुंभ मेले के दौरान इंटरनेट मीडिया के माध्यम से प्रसिद्ध हुई मोनालिसा ने मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका दायर की है। इसमें उसने आरोप लगाया है कि फरमान के साथ हुए उसके अंतर-धार्मिक विवाह को अपराध साबित करने के लिए मोनालिसा के जन्म प्रमाणपत्र में फर्जी तरीके से बदलाव किया गया है।

याचिका में मोनालिसा के मूल जन्म प्रमाणपत्र को बहाल करने और सरकारी रिकॉर्ड में की गई कथित गड़बड़ी की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। गौरतलब है कि खरगोन के महेश्वर निवासी मोनालिसा भोसले पिछले वर्ष महाकुंभ के दौरान रुद्राक्ष की माला बेचते हुए इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हुई थी।

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने जताया था आपत्ति

हाई कोर्ट में प्रस्तुत याचिका में उसने कहा है कि केरल में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान मोनालिसा और फरमान की मुलाकात हुई थी। दोनों के बीच संबंध बने और मार्च 2026 में उन्होंने विवाह किया। इसके बाद मामला उस वक्त विवादों में घिर गया जब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने कहा कि विवाह के समय मोनालिसा की आयु लगभग 16 वर्ष थी। शादी के लिए फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया।

पति फरमान पर पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज, केरल हाई कोर्ट से मिली है राहत

खरगोन पुलिस ने इस मामले में फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा में केस दर्ज किया है। हालांकि 20 अप्रैल 2026 को केरल हाई कोर्ट ने आरोपित फरमान की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। मप्र हाई कोर्ट में प्रस्तुत याचिका में मोनालिसा और फरमान ने आरोप लगाया कि मोनालिसा के पिता ने विवाह के खिलाफ साजिश के तहत उनके जन्म रिकॉर्ड में हेराफेरी की और मोनालिसा को अवयस्क बताने का प्रयास किया।

पिता पर लगाया पोर्टल से दस्तावेज हटाने और विवाह को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप

यह भी कहा है कि जन्म प्रमाणपत्र में गलत तरीके से बदलाव किए गए। वास्तविक जन्म प्रमाण पत्र बगैर किसी नोटिस और कानूनी प्रक्रिया के पोर्टल से हटाया गया। याचिका में यह भी कहा है कि मोनालिसा के पिता और अन्य ने इंटरनेट मीडिया पर फरमान के खिलाफ भड़काऊ प्रचार किया और लव जिहाद जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर विवाह को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया। मामले में जल्द ही सुनवाई हो सकती है।

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