नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत होने जा रही है। इंदौर और उज्जैन के बीच एक नया अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। आगामी 20 जून को इंदौर जिले के चंद्रावतीगंज में इस परियोजना का भव्य भूमि पूजन किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर मुख्य रूप से शामिल होंगे।
यह पूरी परियोजना ‘सिंहस्थ-2028’ को केंद्र में रखकर तैयार की गई है। सरकार का उद्देश्य है कि सिंहस्थ महापर्व के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं, आम यात्रियों और पर्यटकों को आवागमन में किसी भी तरह की असुविधा न हो।
मात्र 35 मिनट में पूरा होगा सफर
इस नए कॉरिडोर के निर्माण के बाद इंदौर और उज्जैन के बीच की दूरी बेहद सिमट जाएगी। वर्तमान मार्ग पर यातायात के भारी दबाव के कारण दोनों शहरों के बीच यात्रा में काफी समय लगता है, लेकिन इस नए रूट के चालू होने के बाद यह सफर महज 30 से 35 मिनट में तय किया जा सकेगा। इससे महाकालेश्वर के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, पुराने हाईवे पर वाहनों का दबाव कम होने से जाम की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी।
₹1089 करोड़ की लागत और 24 महीने का लक्ष्य
मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) इस 48.10 किलोमीटर लंबे ‘एक्सेस कंट्रोल्ड फोरलेन कॉरिडोर’ का निर्माण कराएगा। इसे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) पर विकसित किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 1,089 करोड़ रुपए है।
यह कॉरिडोर इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से शुरू होकर उज्जैन के सिंहस्थ बायपास से जुड़ेगा। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर इसका और अधिक विस्तार किया जा सके। निर्माण एजेंसी को इस काम को पूरा करने के लिए 24 महीने की समय-सीमा दी गई है ताकि सिंहस्थ 2028 से काफी पहले यह जनता के लिए समर्पित हो सके।
इन क्षेत्रों की बदलेगी तकदीर
इस कॉरिडोर का फायदा केवल इंदौर और उज्जैन शहरों तक ही सीमित नहीं रहेगा। इसके प्रभाव क्षेत्र में आने वाले सांवेर, हतोद और आसपास के ग्रामीण इलाकों में विकास के नए रास्ते खुलेंगे। यह मार्ग इंदौर एयरपोर्ट, श्री महाकाल लोक, ओंकारेश्वर और मालवा के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के बीच एक मजबूत और सीधी कनेक्टिविटी स्थापित करेगा। सड़क के आसपास नई व्यावसायिक गतिविधियां, निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भारी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज
भूमि पूजन कार्यक्रम को भव्य और सुचारू बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। हाल ही में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने चंद्रावतीगंज स्थित कार्यक्रम स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा, वीआईपी मूवमेंट, पार्किंग, मंच व्यवस्था, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
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