सिंहस्थ 2028 में उज्जैन तक जाने के लिए एक और सड़क तैयार हो रही है। तीन हजार करोड़ रुपये में इंदौर से लेकर उज्जैन तक ग्रीन फिल्ड काॅरिडोर बनेगा। दो साल में बनने वाले इस मार्ग के लिए सरकार ने किसानों को कलेक्टर गाइड लाइन के बजाए कलेक्टर गाइडलाइन के बजाए बिक्री दरों के आधार पर चार गुना तक मुआवजा दिया गया है, जो प्रदेश में पहली बार हुआ है।
करीब 48 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का निर्माण तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। यह कॉरिडोर इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर के समीप सिंहस्थ बायपास तक पहुंचेगा। इस मार्ग के तैयार हो जाने से इंदौर और उज्जैन के बीच आवागमन अधिक सुगम और तेज होगा, साथ ही सिंहस्थ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। अभी इंदौर से उज्जैन तक छहलेन रोड का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा इंदौर से देवास होते हुए उज्जैन तक भी फोरलेन सड़क बन चुकी है।
इस प्रोजेक्ट के लिए 917 किसानों की लगभग 242.939 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है, जिसके बदले सरकार द्वारा 816 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा दिया गया है। कॉरिडोर से इंदौर जिले के 20 और उज्जैन जिले के 8 गांव सीधे तौर पर जुड़े होंगे, जबकि आसपास के 40 से 50 गांवों के करीब 15 लाख लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
इसके साथ ही बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालु एयरपोर्ट से सीधे इस मार्ग के जरिए उज्जैन पहुंच सकेंगे, जिससे सिंहस्थ के दौरान ट्रैफिक दबाव कम होगा और यात्रा अधिक सुगम बनेगी। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय शहरी विकास एवं आवास मंत्री मनोहरलाल खट्टर 20 जून को सांवेर विधानसभा क्षेत्र के चंद्रावतीगंज में इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमि पूजन करेंगे। कास को भी नई दिशा देगी। यह मालवा क्षेत्र के विकास का नया कॉरिडोर होगी।
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