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सीहोर में चालू मानसून सीजन की शुरुआत अच्छी रही है। 22 जून तक जिले में कुल 2.78 इंच औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। रविवार दोपहर करीब एक बजे के बाद मौसम ने करवट ली और जिले के कई हिस्सों में बारिश हुई। बारिश के बाद लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं किसानों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। दोपहर बाद बदला मौसम का मिजाज रविवार दोपहर तक जिले में गर्मी और उमस का असर बना हुआ था, लेकिन एक बजे के बाद मौसम अचानक बदला और बारिश शुरू हो गई। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों ने राहत महसूस की।जिला भू-अभिलेख शाखा द्वारा जारी दैनिक वर्षा रिपोर्ट के अनुसार 1 जून से 22 जून तक जिले में औसतन 2.78 इंच वर्षा दर्ज की गई है। यह आंकड़ा मानसून सीजन की अच्छी शुरुआत की ओर संकेत करता है। बीते 24 घंटे में इछावर रहा सबसे आगे रिपोर्ट के अनुसार बीते 24 घंटों में इछावर वर्षामापी केंद्र में सबसे अधिक 0.43 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इस दौरान जिले की औसत दैनिक वर्षा 0.05 इंच रही। 1 जून से 22 जून तक के आंकड़ों के अनुसार जिले के इछावर और भैरूंदा वर्षामापी केंद्रों पर सबसे अधिक 4.68 इंच वर्षा दर्ज की गई है। यह जिले में अब तक का सर्वोच्च वर्षा आंकड़ा है। अन्य केंद्रों पर यह रही स्थिति जिले के अन्य वर्षामापी केंद्रों पर भी अच्छी बारिश दर्ज की गई है। बुधनी में 2.93 इंच, आष्टा में 2.44 इंच, श्यामपुर में 1.49 इंच और रेहटी में 1.36 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं जावर केंद्र पर अब तक सबसे कम 1.22 इंच बारिश दर्ज हुई है। पिछले वर्ष 22 जून तक जिले की औसत कुल वर्षा 2.45 इंच थी, जबकि इस वर्ष यह बढ़कर 2.78 इंच तक पहुंच गई है। इससे साफ है कि इस बार मानसून की शुरुआती रफ्तार पिछले साल की तुलना में बेहतर रही है। आष्टा और भैरूंदा में दोगुनी से अधिक बारिश जिले के कुछ क्षेत्रों में पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक वर्षा दर्ज की गई है। आष्टा इसका प्रमुख उदाहरण है। पिछले साल 22 जून तक यहां केवल 0.98 इंच बारिश हुई थी, जबकि इस वर्ष इसी अवधि में 2.44 इंच वर्षा दर्ज की जा चुकी है। भैरूंदा क्षेत्र में भी वर्षा का आंकड़ा पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर रहा है। किसानों के लिए राहतभरी खबर बारिश का यह दौर किसानों के लिए राहत लेकर आया है। जिले में खरीफ सीजन की तैयारियां चल रही हैं और किसान अच्छी वर्षा का इंतजार कर रहे थे। अब पर्याप्त नमी मिलने से सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बोनी का काम गति पकड़ सकेगा। कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह नियमित वर्षा होती रही तो जिले में खरीफ फसलों का रकबा और उत्पादन दोनों बेहतर रहने की संभावना है।
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