![]()
अनूपपुर जिले में पिछले कुछ दिनों से मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। आसमान में कभी-कभार काले बादल तो नजर आते हैं, लेकिन बारिश नहीं हो रही है। इस स्थिति के कारण खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं, जिससे किसान बेहद चिंतित हैं। तीखी धूप से खेतों की नमी गायब, रोपाई थमी मौसम में उमस के साथ-साथ गर्मी के दिनों जैसी तीखी धूप पड़ रही है। खेतों से नमी पूरी तरह गायब हो चुकी है और धान के खेत फटने लगे हैं। ज्यादातर किसानों की धान की नर्सरी (थरहा) तो तैयार है, लेकिन खेतों में पानी जमा न होने की वजह से वे रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। किसान मनराज केवट ने बताया कि अब तक इतनी बारिश ही नहीं हुई है कि खेतों में धान की रोपाई शुरू की जा सके। जिन कुछ किसानों ने सिंचाई का इंतजाम करके रोपाई कर भी ली थी, अब उन्हें फसल सूखने और मेहनत बर्बाद होने का डर सता रहा है। नदियां सूखीं, जलस्तर नहीं बढ़ा जुलाई के इस महीने में जहां आमतौर पर नदियां उफान पर रहती थीं, वहीं इस बार जिले की मुख्य नदियां—सोन, तिपान, चंदास, केवई, अलान और गौडारू—अब भी सूखी पड़ी हैं और अपनी तलहटी पकड़े हुए हैं। इन नदियों का जलस्तर बिल्कुल नहीं बढ़ा है। पिछले साल के मुकाबले आधी हुई बारिश भू-अभिलेख कार्यालय के अधीक्षक प्रदीप मोगरे ने बताया कि मानसून इस समय पश्चिमी हवाओं की चपेट में आ गया है, जिसकी वजह से इसकी रफ्तार रुक गई है। इस मानसून सीजन में 1 जून से लेकर अब तक जिले में सिर्फ 237.2 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है। इसके उलट, पिछले साल इसी दौरान 410.9 मिमी बारिश हुई थी। यानी इस साल अब तक पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग आधी ही बारिश हुई है।
Source link
#अनपपर #म #जल #मनसन #क #रफतर #थम #खत #म #दरर #आई #रपई #नह #कर #प #रह #कसन #नदय #सख #समनय #स #आध #बरश #Anuppur #News


