आरजी कर मामला:सीबीआई विरोधी अभियान से पीड़िता की मां ने किया किनारा, नाम-फोटो के इस्तेमाल पर क्या बोलीं? – Rg Kar Case Victim Mother Ratna Debnath Denies Social Media Campaign Against Cbi

आरजी कर मामला:सीबीआई विरोधी अभियान से पीड़िता की मां ने किया किनारा, नाम-फोटो के इस्तेमाल पर क्या बोलीं? – Rg Kar Case Victim Mother Ratna Debnath Denies Social Media Campaign Against Cbi

आरजी कर मामला:सीबीआई विरोधी अभियान से पीड़िता की मां ने किया किनारा, नाम-फोटो के इस्तेमाल पर क्या बोलीं? – Rg Kar Case Victim Mother Ratna Debnath Denies Social Media Campaign Against Cbi

आरजीकर मामले की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ
– फोटो : ANI

विस्तार

आरजी कर दुष्कर्म और हत्या मामले की पीड़िता की मां, रत्ना देबनाथ ने सोमवार को दावा किया कि सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) के खिलाफ चल रहे एक सोशल मीडिया अभियान में उनके नाम और तस्वीर का इस्तेमाल किया जा रहा है। देबनाथ ने यह भी स्पष्ट किया कि सीबीआई के खिलाफ चल रहे इस सोशल मीडिया अभियान से उनका कोई लेना-देना नहीं है।


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सीबीआई के खिलाफ यह सोशल मीडिया अभियान तब शुरू हुआ, जब सुप्रीम कोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पूर्व और विवादित प्रिंसिपल संदीप घोष को जमानत दे दी। सीबीआई ने उन पर इस मेडिकल संस्थान में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं में शामिल होने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया था।

सीबीआई पर क्या आरोप लग रहे?

सोशल मीडिया अभियान में सीबीआई पर मामले की जांच में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया, जिसके कारण सुप्रीम कोर्ट ने घोष को जमानत दे दी। सोशल मीडिया पर पीड़िता की मां और भाजपा विधायक के नाम का इस्तेमाल करते हुए कई पोस्टर वायरल हो गए, जिनमें लोगों से 12 नवंबर को सड़कों पर उतरने की अपील की गई थी। यह अपील सुप्रीम कोर्ट द्वारा घोष को जमानत दिए जाने के मुद्दे पर की गई थी।

रत्ना देबनाथ ने क्या कहा?

उन्होंने कहा, ‘फेसबुक समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मेरे नाम और फोटो का इस्तेमाल करके एक विरोध प्रदर्शन का प्रचार किया जा रहा है। लेकिन, इस कार्यक्रम की शुरुआत मैंने नहीं की है। मैं इस विरोध प्रदर्शन को आयोजित करने, बढ़ावा देने या प्रबंधित करने में किसी भी तरह से शामिल नहीं हूं। मेरी अनुमति के बिना ही मेरे नाम और फोटो का इस्तेमाल करके इस तरह का दुष्प्रचार किया जा रहा है।’ उन्होंने ‘वॉयस ऑफ अभया’ और ‘वॉयस ऑफ विमेन’ के नाम से चलाए जा रहे सोशल मीडिया अभियानों में, उनके नाम से की गई कुछ टिप्पणियों पर भी कड़ी आपत्ति जताई।

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उन्होंने कहा, ‘मुझे देश की न्यायपालिका और पश्चिम बंगाल सरकार पर भरोसा है। मेरा मानना है कि हर मुद्दे का समाधान कानून और संविधान का सम्मान करते हुए किया जाना चाहिए। मैं अपने नाम और तस्वीर के दुरुपयोग और इस भ्रामक अभियान में मेरे नाम को घसीटे जाने की कड़ी निंदा करती हूं। मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि मुझे नहीं पता कि कौन लोग सड़कों पर उतर रहे हैं और कौन विरोध प्रदर्शन करना चाहता है। मेरा इनमें से किसी से भी कोई लेना-देना नहीं है।’

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