सर्वे के अनुसार, मध्य प्रदेश की प्रशासनिक राजधानी भोपाल के लोग कमाई के मामले में आर्थिक राजधानी इंदौर से बहुत आगे हैं। भोपाल के लोग सप्ताह में इंदौर क…और पढ़ें

HighLights
- सर्वे के अनुसार, मध्य प्रदेश की प्रशासनिक राजधानी भोपाल के लोग कमाई के मामले में आर्थिक राजधानी इंदौर से बहुत आगे हैं
- भोपाल के लोग सप्ताह में इंदौर के मुकाबले मात्र 50 मिनट अधिक यानी कुल 47 घंटे काम कर रहे हैं
- यहां के नियमित कर्मचारियों और स्वरोजगारियों की कमाई इंदौर के मुकाबले काफी ज्यादा है
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। केंद्र सरकार के राष्ट्रीय सांख्यिकी संगठन (एनएसओ) द्वारा देश के 46 शहरों में किए गए श्रम व रोजगार सर्वे से बेहद दिलचस्प तथ्य सामने आए हैं। इस सर्वे के अनुसार, मध्य प्रदेश की प्रशासनिक राजधानी भोपाल के लोग कमाई के मामले में आर्थिक राजधानी इंदौर से बहुत आगे हैं। भोपाल के लोग सप्ताह में इंदौर के मुकाबले मात्र 50 मिनट अधिक (यानी कुल 47 घंटे) काम कर रहे हैं, लेकिन यहां के नियमित कर्मचारियों और स्वरोजगारियों की कमाई इंदौर के मुकाबले काफी ज्यादा है।
यह आकलन प्रदेश के 4 प्रमुख शहरों (भोपाल, इंदौर, जबलपुर व ग्वालियर) के 4,070 लोगों को शामिल कर तैयार किया गया है। इसके अनुसार, देश के मेट्रो शहरों में अन्य शहरों की तुलना में रोजगार व कमाई के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।
सप्ताह में औसत कामकाज के घंटे
|
शहर |
पुरुष |
महिला |
सम्मिलित |
|
इंदौर |
48.1 घंटे |
40.6 घंटे |
46.1 घंटे |
|
भोपाल |
48.9 घंटे |
37.7 घंटे |
47.0 घंटे |
|
ग्वालियर |
46.5 घंटे |
30.8 घंटे |
43.3 घंटे |
|
जबलपुर |
46.6 घंटे |
40.7 घंटे |
45.2 घंटे |
औसत मासिक कमाई (रुपये में)
|
कमाई का प्रकार |
इंदौर |
भोपाल |
ग्वालियर |
जबलपुर |
|
स्वरोजगार |
22,586 |
29,524 |
18,730 |
19,522 |
|
नियमित कर्मी |
19,180 |
34,056 |
22,049 |
21,682 |
भोपाल में औसत वेतन 34 हजार, इंदौर क्यों पिछड़ा
नियमित कर्मचारियों का औसत मासिक वेतन भोपाल में 34,056 रुपये है, जबकि इंदौर में यह केवल 19,180 रुपये है। हालांकि, इंदौर में स्वरोजगार (Self-employed) करने वालों की संख्या भोपाल से 6 फीसदी ज्यादा है।
इंदौर में कार्यबल का 50.4% हिस्सा स्वरोजगार से जुड़ा है, जबकि भोपाल में यह 44.6% है। इसके बावजूद कमाई के मामले में बाजी भोपाल के हाथ में है। भोपाल के स्वरोजगारियों की औसत कमाई 29,524 रुपये महीना है, जबकि इंदौर के स्वरोजगारियों की औसत कमाई 22,586 रुपये प्रति माह है।
कामकाजी महिलाओं की स्थिति बेहतर
कामकाजी महिलाओं की स्थिति देखें तो प्रदेश में पुरुषों की तुलना में कई मामलों में बेहतर है। महिलाएं स्वरोजगार में पुरुषों से भले ही कम हैं, लेकिन नियमित सैलरी (नियमित नौकरियों) में इनकी संख्या अधिक है। इंदौर और भोपाल में करीब 59 फीसदी महिलाएं नियमित कर्मचारी हैं। काम के घंटों की बात करें तो इंदौर व जबलपुर की महिलाएं क्रमशः 40.6 व 40.7 घंटे प्रति सप्ताह काम कर रही हैं।
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