इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड में जमीन गई, किसानों को अब तक नहीं मिली मुआवजे की राशि

इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड में जमीन गई, किसानों को अब तक नहीं मिली मुआवजे की राशि

Indore Ujjain Greenfield Project: मुआवजे की देरी से किसानों के सामने नई परेशानी खड़ी हो गई है। सड़क में जमीन जाने के बाद कई किसानों ने अन्य स्थानों पर…और पढ़ें

Publish Date: Mon, 07 Sep 2026 08:15:59 AM (IST)Updated Date: Mon, 07 Sep 2026 08:28:03 AM (IST)

इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड में जमीन गई, किसानों को अब तक नहीं मिली मुआवजे की राशि
मुआवजे की देरी से किसानों के सामने नई परेशानी खड़ी हो गई है। – प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. छह माह से मुआवजे की राह देख रहे किसान
  2. प्रकरण मंजूर होने के बाद भी कलेक्ट्रेट के लगा रहे चक्कर
  3. ब्याज का बोझ बढ़ने से किसान दोहरी मार झेल रहे

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड सड़क के लिए जमीन देने वाले किसान छह माह से मुआवजे की राह देख रहे हैं। ग्राम जमूड़ी सरवर सहित अन्य गांवों के कई किसानों का मुआवजा प्रकरण मंजूर हो चुका है, लेकिन राशि अब तक खाते में नहीं पहुंची। परेशान किसान एसडीएम कार्यालय से लेकर कलेक्ट्रेट तक चक्कर लगा रहे हैं।

हातोद तहसील के ग्राम जमूड़ी सरवर की किसान रामीबाई उर्फ राजूबाई ने बीते दिनों कलेक्टर जनसुनवाई में आवेदन दिया। उनका कहना था कि सर्वे नंबर 12/2/1 की 0.902 हेक्टेयर भूमि सड़क परियोजना में प्रभावित हुई है। सर्वे और अन्य प्रक्रिया के बाद प्रकरण एसडीएम स्तर से होकर कलेक्ट्रेट पहुंचा। अवार्ड फरवरी में पारित हुआ और कहा गया था कि मार्च अंत तक राशि खाते में आ जाएगी, लेकिन छह माह बाद भी भुगतान नहीं हुआ।

एक खसरे की मिली, दूसरे की अटकी

ग्राम जमूड़ी सरवर के मेहरबान सिंह के दो खसरे इस सड़क में प्रभावित हुए थे। दोनों के प्रकरण एक साथ तैयार हुए थे। एक खसरे की राशि मिल चुकी है, लेकिन दूसरे खसरे की राशि अब तक नहीं आई। किसान उसी का इंतजार कर रहे हैं।

बयाना डूबने का संकट

मुआवजे की देरी से किसानों के सामने नई परेशानी खड़ी हो गई है। सड़क में जमीन जाने के बाद कई किसानों ने अन्य स्थानों पर जमीन खरीद ली थी। बयाना दे चुके किसानों को अब रजिस्ट्री कराने के लिए बाजार से ब्याज पर राशि उठानी पड़ रही है।

मुआवजा नहीं मिलने और ब्याज का बोझ बढ़ने से किसान दोहरी मार झेल रहे हैं। यदि खरीदी गई जमीन का पूरा पैसा नहीं दिया तो बयाना डूबने की आशंका उन्हें सता रही है। इधर अधिकारियों का कहना है कि प्रकरणों के सत्यापन और कोष से राशि जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। किसानों को जल्द भुगतान किया जाएगा।

ये हैं आंकड़े

  • 48 किमी लंबी है इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड सड़क
  • 2935 करोड़ रुपये है सड़क की कुल लागत
  • 917 किसानों की 242.939 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित
  • 816 करोड़ रुपये से अधिक मुआवजा वितरित
  • इंदौर के 20 और उज्जैन के आठ गांवों से गुजर रही है सड़क

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