इंदौर: एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं वाले बस टर्मिनल से दौड़ेंगी गुजरात-राजस्थान की बसें, 28 को सीएम करेंगे लोकार्पण

कुमेड़ी एमआर-10 पर इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा 100 करोड़ रुपए से अधिक की भारी-भरकम राशि खर्च करके एक भव्य अंतरर्राज्यीय बस टर्मिनल यानी आईएसबीटी का निर्माण करवाया गया है। इसके संचालन तथा संधारण का ठेका एक निजी फर्म को सौंप दिया गया है। अब आगामी 28 अक्टूबर से इस सबसे बड़े बस टर्मिनल पर ट्रायल रन की शुरुआत की जा रही है। राजस्थान और गुजरात के लंबी दूरी के मार्गों पर संचालित होने वाली तमाम बसों का आवागमन अब इसी आधुनिक टर्मिनल से किया जाएगा और संभावना जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ही इसका औपचारिक लोकार्पण करेंगे।

सिंहस्थ में लाखों यात्रियों को मिलेगा फायदा

इस बस टर्मिनल का सबसे अधिक फायदा सिंहस्थ के समय मिलेगा। सिंहस्थ में देशभर से इंदौर और उज्जैन आने वाले यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा। इंदौर होते हुए लाखों यात्री उज्जैन के लिए आना जाना करेंगे। यहां से देश के अधिकांश राज्यों के लिए बसों की सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। जल्द ही इस बस टर्मिनल को शहर के प्रमुख बस स्टैंड से जोड़ा जाएगा। इसके लिए सरवटे और अन्य बस स्टैंड के लिए सीधी कनेक्टिविटी दी जाएगी। इसके बाद इंदौर के आसपास के जिलों के लिए भी यहां से सीधी बसें चलेंगी। 

एयरपोर्ट की तर्ज पर बना है यह विशाल बस टर्मिनल

विमानतल की तर्ज पर प्राधिकरण ने लगभग 15 एकड़ भूमि के विशाल परिसर में इस बस टर्मिनल को तैयार किया है, मगर पिछले एक साल से इसका संचालन शुरू नहीं किया जा सका था क्योंकि इसके संचालन के लिए कोई भी ठेकेदार फर्म आगे नहीं आ रही थी। शुरुआत में प्राधिकरण ने अपने ही स्तर पर इस बस टर्मिनल को संचालित करने का निर्णय लिया था, जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया जारी कर ठेकेदार फर्म की तलाश की गई। शुरुआती 2 बार के टेंडर में कोई भी फर्म आगे नहीं आई, जिसके बाद टेंडर की शर्तों में जरूरी संशोधन किए गए और पिछली बार एक ठेकेदार फर्म इसके लिए तैयार हो गई। कुछ समय पूर्व ही प्राधिकरण ने टेंडर की निर्धारित शर्तों के मुताबिक शुरुआती राशि जमा कराने और अनुबंध की प्रक्रिया पूरी करने के बाद इसके संचालन तथा संधारण का कार्य आगे बढ़ाया है।

मेट्रो स्टेशन से सीधी कनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी

इस आधुनिक परिसर में निर्मित 40 से अधिक रिटेल दुकानों, 16 बड़े रेस्टोरेंट, फूड आउटलेट के अलावा कार्यालयों और अन्य व्यावसायिक जगहों को भी किराए पर आवंटित किया जाएगा। इस उद्देश्य के लिए ठेकेदार फर्म ने पहले ही टेंडर जारी कर दिए हैं। इस शानदार बस टर्मिनल को मेट्रो स्टेशन से भी सीधा जोड़ा गया है और इसके लिए बस टर्मिनल तथा मेट्रो स्टेशन के बीच एक छोटा सा कांच का पुल यानी ग्लास ब्रिज बनाया गया है। इस पुल की सहायता से यात्रियों की आवाजाही बेहद सुगमता और आसानी से हो सकेगी। जिला कलेक्टर शिवम वर्मा के मुताबिक बस टर्मिनल के संचालन, बसों के सुरक्षित आवागमन एवं यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई है। सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को जल्द इसे शुरू करने की तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। प्रस्तावित ट्रायल रन के माध्यम से इस टर्मिनल की संपूर्ण संचालन व्यवस्था का कड़ाई से परीक्षण किया जा सकेगा, ताकि भविष्य में इसका संचालन सुचारु और व्यवस्थित रूप से सुनिश्चित किया जा सके।

नायतामूंडला बस टर्मिनल का संचालन भी निजी हाथों में

उल्लेखनीय है कि प्राधिकरण की ओर से एक और नया बस टर्मिनल नए आरटीओ भवन के पास नायतामूंडला में भी बनवाया गया है, जिसका संचालन और संधारण पहले एआईसीटीएसएल को सौंपा गया था और बाद में उसे भी इसे एक निजी ठेकेदार फर्म को सौंप दिया है।

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