महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि धोबी घाट की जमीन निगम के स्वामित्व की है। कोर्ट ने सितंबर 2024 में ही इस पर मुहर लगा दी थी। को…और पढ़ें

HighLights
- महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि धोबी घाट की जमीन निगम के स्वामित्व की है
- कोर्ट ने सितंबर 2024 में ही इस पर मुहर लगा दी थी
- कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि 0.02 एकड़ जमीन पर ताजिए ठंडे करने की अनुमति रहेगी, शेष जमीन निगम की है
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मोहर्रम के अवसर पर हर साल धोबी घाट पर लगने वाला कर्बला मेला इस बार नहीं लगेगा। नगर निगम ने कर्बला कमेटी को मेले की अनुमति देने से इंकार कर दिया है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि धोबी घाट की जमीन निगम के स्वामित्व की है। कोर्ट ने सितंबर 2024 में ही इस पर मुहर लगा दी थी। कोर्ट ने फैसले में स्पष्ट किया है कि 0.02 एकड़ जमीन पर ताजिए ठंडे करने की अनुमति रहेगी, शेष जमीन निगम की है। निगम अब तक मेले की अनुमति देता था, लेकिन इस बार हमने कई कारणों से तय किया है कि मेले के लिए जमीन देने सही नहीं है।
तीन दिवसीय मेला लगता था
मोहर्रम के अवसर पर हर साल धोबी घाट मैदान पर तीन दिवसीय मेला लगता था। इस वर्ष भी यह मेला 26 से 28 जून तक लगना था, लेकिन निगम ने इसके लिए अनुमति ही नहीं दी।
वर्ष 2024 में जीता था निगम
धोबी घाट की 6.7 एकड़ जमीन को लेकर लंबे समय कोर्ट में विवाद चला। सितंबर 2024 में जिला कोर्ट ने मामले में फैसला सुनाते हुए साफ किया था कि यह जमीन नगर निगम के स्वामित्व की है। कोर्ट ने इस 6.7 एकड़ जमीन में से सिर्फ 0.02 एकड़ जमीन ताजिए ठंडा करने के लिए होने की बात कही थी। कोर्ट ने फैसले में स्पष्ट किया था कि 0.02 एकड़ जमीन पर ताजिए ठंडे करने की अनुमति रहेगी, शेष जमीन इंदौर नगर निगम की है। निगम अब तक यहां मेला लगाने की अनुमति देता था, लेकिन इस बार निगम ने कई कारणों से तय किया है कि मेले के लिए जमीन देना सही नहीं है। इसलिए इस बार मेला लगाने की अनुमति नहीं दी गई है। यहां केवल ताजिए ही ठंडे किए जा सकेंगे।
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