इंदौर जल संकट पर जनहित याचिका दायर:  कोर्ट ने इंदौर नगर निगम को दिए तत्काल प्री-मानसून कार्यवाही के निर्देश – Indore News

इंदौर जल संकट पर जनहित याचिका दायर: कोर्ट ने इंदौर नगर निगम को दिए तत्काल प्री-मानसून कार्यवाही के निर्देश – Indore News

इंदौर जल संकट पर जनहित याचिका दायर:  कोर्ट ने इंदौर नगर निगम को दिए तत्काल प्री-मानसून कार्यवाही के निर्देश – Indore News
इंदौर में गहराते जल संकट को लेकर जनहित याचिका दायर की गई है। जबलपुर हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच में न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा और जय कुमार पिल्लई ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाते हुए इंदौर नगर निगम (IMC) को मानसून पूर्व आवश्यक जल संरक्षण एवं पुनर्भरण कार्यों के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। यह जनहित याचिका राजलक्ष्मी फाउंडेशन द्वारा दायर की है।याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बगाड़िया एवं अधिवक्ता आयुष चौधरी ने पक्ष रखा। याचिका में कई गंभीर मुद्दों को उठाया गया याचिका में इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार गिरते भूजल स्तर, सूखते तालाबों, झीलों, कुओं और बावड़ियों, पारंपरिक जल स्रोतों से जुड़े फीडर चैनलों एवं मोहरियों के अवरुद्ध होने, वर्षा जल संचयन (रेनवॉटर हार्वेस्टिंग) नियमों के कमजोर क्रियान्वयन, अत्यधिक कंक्रीटीकरण, जलाशयों में बढ़ते सीवेज प्रदूषण, पाइपलाइन लीकेज, परित्यक्त बोरवेल, उपचारित अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग तथा ग्रामीण एवं पेरी-अर्बन वाटरशेड के पुनर्स्थापन जैसे गंभीर मुद्दों को उठाया गया है। याचिका में विशेष रूप से असराबाद खुर्द, मिर्जापुर, रालामंडल, लिम्बोदी, बिलावली, छोटी बिलावली, पिपल्यापाला सहित इंदौर की पारंपरिक जल-श्रृंखला से जुड़े जलाशयों के वैज्ञानिक पुनर्जीवन की आवश्यकता पर बल दिया गया। 7 दिन में सार्वजिक सूचना जारी करे आगामी मानसून की तात्कालिकता को देखते हुए कोर्ट ने इंदौर नगर निगम को निर्देशित किया है कि वह सभी सरकारी भवनों, अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों, अपार्टमेंट्स, मॉल्स, वाणिज्यिक परिसरों, होटलों, संस्थानों और अन्य लागू भवनों को 7 दिनों के भीतर अपने रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की सफाई, डी-सिल्टिंग और उन्हें क्रियाशील बनाने के लिए तत्काल सार्वजनिक सूचना जारी करे। न्यायालय ने आगे यह भी निर्देशित किया है कि प्रथम भारी मानसूनी वर्षा से पूर्व प्राथमिकता वाले जलाशयों से जुड़े स्टॉर्मवॉटर ड्रेन्स, फीडर चैनलों, मोहरियों, झीलों के इनलेट्स, ओवरफ्लो आउटलेट्स और रिचार्ज चैनलों की आपातकालीन सफाई, डी-सिल्टिंग और अवरोधों को हटाने की कार्यवाही की जाए, ताकि वर्षा जल व्यर्थ बहने के बजाय भूजल रिचार्ज और जलाशयों के पुनर्भरण में उपयोग हो सके। इस प्रकरण की अगली सुनवाई 8 जून को निर्धारित की गई है।
www.bhaskar.com
#इदर #जल #सकट #पर #जनहत #यचक #दयर #करट #न #इदर #नगर #नगम #क #दए #ततकल #परमनसन #करयवह #क #नरदश #Indore #News

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *