इंदौर में मानसून का आधा सीजन बीत चुका है, लेकिन खंडवा रोड पर पश्चिमी क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी और जिम्मेदार नागरिक निकायों की लापरवाही साफ देखने को मिल रही है। भंवरकुआं से तेजाजी नगर और खंडवा नाका की ओर जाने वाले व्यस्त मार्ग पर बिजली के हाई-वोल्टेज तारों और खंभों पर पेड़ों की घनी टहनियां और लताएं बुरी तरह लिपट चुकी हैं। तारों और हरियाली का यह खतरनाक जाल अब राहगीरों और स्थानीय रहवासियों के लिए गंभीर सुरक्षा जोखिम बन गया है।
मानसून-पूर्व मेंटेनेंस पर उठे सवाल
बिजली विभाग हर साल मानसून की शुरुआत से पहले मेंटेनेंस के नाम पर बिजली कटौती करता है। इस दौरान तारों से टकराने वाली पेड़ों की शाखाओं की छंटाई करना प्राथमिकता में शामिल होता है। हालांकि, खंडवा रोड के इस हिस्से को देखकर स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग ने मानसून-पूर्व तैयारियों के नाम पर केवल खानापूर्ति की है। आधा मानसून बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
हादसों और स्पार्किंग का बढ़ा खतरा
बारिश के मौसम में तेज हवाएं चलने पर पेड़ों की ये गीली शाखाएं बिजली की हाई-टेंशन लाइनों से टकराती हैं। इससे तारों में लगातार घर्षण होने के कारण शॉर्ट सर्किट और चिंगारियां उठने का खतरा रहता है। टहनियों के तारों से छूने पर सिस्टम में तकनीकी फॉल्ट आता है, जिससे पूरे इलाके की बिजली घंटों गुल हो जाती है। इसके अतिरिक्त, गीले पेड़ों और शाखाओं में बिजली का करंट उतरने से सड़क किनारे चलने वाले पैदल यात्रियों और मवेशियों की जान पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
रहवासियों की मांग
खंडवा रोड और आसपास के रहवासियों ने बिजली विभाग और नगर निगम से मांग की है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना तुरंत अभियान चलाकर हाई-टेंशन और एलटी लाइनों के पास फैली शाखाओं और बेलों की छंटाई कराई जाए।
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