इंदौर में अगले 5 दिन सफाई पर संकट, 5 हजार पदों और समान वेतन की मांग को लेकर कर्मचारी हड़ताल पर

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर की सफाई व्यवस्था पटरी से उतरना लगभग तय है। ऐसा इसलिए क्योंकि अपनी मांगों के समर्थन में शहरभर के सफाई कर्मचारयों ने पांच दिनी हड़ताल का ऐलान कर दिया है। सोमवार को इन सफाई कर्मचारियों ने निगम मुख्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया। सुबह करीब 12 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन दो घंटे से ज्यादा चला। बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी इसमें शामिल हुए।

इधर नगर निगम ने परिस्थिति से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सोमवार को भी अतिरिक्त कर्मचारियों से सफाई कराई गई थी। अगर हड़ताल जारी रहती है तो सफाई व्यवस्था के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी। दूसरी कर्मचारियों से मदद भी लेंगे।

सोमवार सुबह करीब 11 बजे से ही निगम मुख्यालय पर सफाई कर्मचारियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। ये कर्मचारी निगमायुक्त कार्यालय के बाहर जमीन पर बैठ गए और मांगों के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मचारियों की मांग थी कि निगमायुक्त स्वयं बाहर आकर ज्ञापन लें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। धरना प्रदर्शन करीब दो घंटे तक चला।

महिला सफाई मित्रों ने अधिकारियों के कक्ष के गेट पर फेंकी चूड़ियां

प्रदर्शन के दौरान महिला सफाई मित्रों ने भी जमकर नारेबाजी की। उन्होंने अधिकारियों को देने के लिए हाथों से चूड़ियां निकाल लीं, लेकिन जब अधिकारी बाहर नहीं आए तो इन महिलाओं ने अधिकारियों के कक्ष के बाहर गेट पर चूड़ियां फेंक दी।

पांच दिन जारी रहेगी हड़ताल: रीगल तिराहे पर धरना देने की रणनीति

वाल्मिकी सेना के प्रदेशाध्यक्ष राजेश धोलपुरे ने नईदुनिया से चर्चा में कहा कि सफाई कर्मचारी पांच दिन हड़ताल करेंगे। यह हड़ताल सोमवार से शुरू हो गई है। सोमवार को जानकारी नहीं होने की वजह से कुछ कर्मचारी काम पर चले गए थे। मंगलवार से सभी सफाई कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि मंगलवार से सफाई कर्मचारी रीगल तिराहा पर धरना देंगे। जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

धोलपुरे ने बताया कि हमने निगमायुक्त को पहले ही पत्र देकर 5 अक्टूबर 2026 से इंदौर में सफाई कार्य बंद करने की सूचना दे दी थी। हमने उन्हें बता दिया था कि हम कई वर्षों से विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन और आवेदन दे रहे हैं, लेकिन कुछ नहीं हो रहा। अब कर्मचारियों का धैर्य जवाब दे चुका है।

सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

सफाई कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर निम्नलिखित मुख्य मांगें रखी हैं…

  • सभी सफाई कर्मचारियों को स्थाई किया जाए।
  • पांच हजार नए कर्मचारी नियुक्त किए जाएं (स्थाई तौर पर)।
  • समान काम समान वेतन दिया जाए।
  • मेडिकल आधार पर कर्मचारियों के परिवार को नियुक्ति दी जाए।
  • एनजीओ प्रथा बंद की जाए।
  • विनियमित कर्मचारियों को नियुक्ति दिनांक से परमानेंट माना जाए।
  • ड्यूटी दौरान मृत्यु पर परिवार के एक सदस्य को नियुक्ति दी जाए।
  • दीपावली पर एक वेतन अतिरिक्त दिया जाए।

सफाई मित्रों का दर्द: सालों की सेवा के बाद भी नियमितीकरण का इंतजार

सफाई मित्र माया पथरोड का कहना है कि वे 20 साल से निगम में काम कर रही हैं, लेकिन नियमित नहीं हैं। उन्हें साढ़े दस हजार रुपये वेतन मिलता है। उनकी ड्यूटी गौरीनगर में है, जबकि वे खजराना में रहती हैं। प्रदर्शन कर रही महिला रानी ने कहा कि हम 12 महीने हर मौसम में काम करते हैं। आठ साल से इंदौर को नंबर वन बना रहे हैं, बावजूद इसके हमारी मांगों को लेकर कोई सुनवाई नहीं हो रही। सुविधा के नाम पर कुछ नहीं मिल रहा।

महापौर के निर्देश और निगम प्रशासन की वैकल्पिक तैयारी

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने 24 अगस्त 2026 को सफाई कर्मचारियों और निगम कर्मचारियों की मांगों के संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसमें सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में ऐसे विनियमित सफाई एवं अन्य कर्मचारियों को, जो शैक्षणिक योग्यता के अभाव में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के समान वेतन-भत्तों के लाभ से वंचित हुए हैं, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के समान वेतनमान का लाभ देने के लिए नियमों में शिथिलता की अनुशंसा के साथ शासन को पत्र भेजने को कहा गया था। निगम में 16 मई 2007 के बाद नियुक्त दैनिक वेतन भोगी, सफाई कर्मचारियों और अन्य कर्मचारियों को विनियमित करने के लिए शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए थे।

अपर आयुक्त प्रखर सिंह ने बताया कि निगम स्तर पर जो मांगें पूरी की जा सकती हैं, उन्हें किया जाएगा। काम बंद कर चुके कर्मचारियों की वापसी के लिए दो दिन शिविर भी लगाया गया था। इसमें कई आवेदन आए। वास्तविक आवेदनों पर बहाली की कार्रवाई की जा रही है। सोमवार को निगम के पास मौजूद अतिरिक्त कर्मचारियों से सफाई कराई गई। हड़ताल जारी रहती है तो सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की मदद लेंगे।

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