कुलगुरु डा. राकेश सिंघई ने विवाद पर बैठक बुलाई, जिसमें होस्टल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को लेकर नाराज है। घटनाक्रम को लेकर संभागायुक्त कार्यालय ने …और पढ़ें

HighLights
- छात्रों को 48 घंटों में होस्टल खाली करने को कहा गया है
- माफी भी तभी स्वीकृति की जाएगी। जब विद्यार्थियों के माता-पिता के सामने लिखकर देंगे
- देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इनकी सजा में थोड़ी राहत दे सकता है
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंस्टिट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी (आईईटी) होस्टल में भले ही तोड़फोड़ करने वाले विद्यार्थियों ने माफी मांग ली। इसके चलते देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इनकी सजा में थोड़ी राहत दे सकता है।
गुरुवार को कुलगुरु डा. राकेश सिंघई ने विवाद पर बैठक बुलाई, जिसमें होस्टल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को लेकर नाराज है। छात्रों को 48 घंटों में होस्टल खाली करने को कहा गया है। वैसे माफी भी तभी स्वीकृति की जाएगी। जब विद्यार्थियों के माता-पिता के सामने लिखकर देंगे। हालांकि घटनाक्रम को लेकर संभागायुक्त कार्यालय ने भी रिपोर्ट मांगी है।
शनिवार रात को बीटेक अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने पढ़ाई पूरी होने पर होस्टल में पार्टी रखी, जिसमें डीजे की धुन पर रातभर थिरकते रहे। इस बीच कुछ विद्यार्थियों ने कुर्सी-टेबल और पानी की टंकी और खिड़कियों के कांच तोड़ दिए। बकायदा पूरे घटनाक्रम का वीडियो वायरल हो गया। आनन-फानन में आइईटी ने जांच समिति बनाई।
अनुशासहीनता का दोषी पाया और प्लेसमेट-रिजल्ट रोकने की सिफारिश की गई
रिपोर्ट में विद्यार्थियों को अनुशासहीनता का दोषी पाया और प्लेसमेट-रिजल्ट रोकने की सिफारिश की गई। साथ ही 25 हजार का जुर्माना लगाने पर जोर दिया। मगर दो दिन बाद विद्यार्थियों ने गलती स्वीकारते हुए वीडिया जारी किया। इसमें उन्होंंने कार्रवाई नहीं करने की गुहार लगाई। गुरुवार को समिति की रिपोर्ट और विद्यार्थियों के माफी मांगने वाले वीडियों को दोबारा देखा गया।
संस्थान को इन विद्यार्थियों का रिजल्ट भी समय पर जारी करने के निर्देश दिए हैं
कुलगुरु डा. राकेश सिंघई निदेशक प्रो. प्रतोष बसंल और होस्टल वार्डन की बैठक हुई। जहां विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए कुलगुरु ने निर्णय लिया। संस्थान को इन विद्यार्थियों का रिजल्ट भी समय पर जारी करने के निर्देश दिए है। साथ ही प्लेसमेंट देने वाली कंपनी को भी घटना की जानकारी नहीं देने पर जोर दिया है। वहीं 25 हजार जुर्माने की राशि को थोड़ा कम करने का विचार किया है। विद्यार्थियों को अभिभावकों के सामने लिखित में माफीनामा देना होगा। कुलगुरु डा. सिंघई ने कहा कि अधिकांश अंतिम वर्ष के विद्यार्थी है। उनके भविष्य को देखते हुए सजा में थोड़ी राहत दे सकते है। वे कहते है कि संभागायुक्त को शनिवार तक रिपोर्ट देंगे।
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