इंदौर में आठ साल के लंबे इंतजार के बाद भी अधूरे जिला अस्पताल का शुभारंभ करेंगे जनप्रतिनिधि

इंदौर में आठ साल के लंबे इंतजार के बाद भी अधूरे जिला अस्पताल का शुभारंभ करेंगे जनप्रतिनिधि

अभी अस्पताल में केवल प्रसूति (मेटरनिटी) वार्ड ही शुरू किया जाएगा। यानी हृदय रोग, मेडिसिन, सर्जरी, हड्डी रोग या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों क…और पढ़ें

Publish Date: Tue, 14 Jul 2026 11:49:04 AM (IST)Updated Date: Tue, 14 Jul 2026 11:49:04 AM (IST)

इंदौर में आठ साल के लंबे इंतजार के बाद भी अधूरे जिला अस्पताल का शुभारंभ करेंगे जनप्रतिनिधि
जिला अस्पताल की नवनिर्मित इमारत बनकर अब तैयार है। (प्रफुल्ल चौरसिया आशु)

HighLights

  1. आठ वर्षों से निर्माणाधीन 300 बिस्तरीय जिला अस्पताल का 17 जुलाई को औपचारिक रूप से शुभारंभ होने वाला है
  2. इसके लिए आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के शामिल होने की संभावना है
  3. जिस अस्पताल का वर्षों से मरीज इंतजार कर रहे थे, उसका निर्माण ही अब तक पुरा नहीं हुआ है

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। आठ वर्षों से निर्माणाधीन 300 बिस्तरीय जिला अस्पताल का 17 जुलाई को औपचारिक रूप से शुभारंभ होने वाला है। इसके लिए आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के शामिल होने की संभावना है। लेकिन जिस अस्पताल का वर्षों से मरीज इंतजार कर रहे थे, उसका निर्माण ही अब तक पूरा नहीं हुआ है। जनप्रतिनिधि अधूरे जिला अस्पताल का शुभारंभ करेंगे।

सिर्फ प्रसूति वार्ड का होगा शुभारंभ

अभी अस्पताल में केवल प्रसूति (मेटरनिटी) वार्ड ही शुरू किया जाएगा। यानी हृदय रोग, मेडिसिन, सर्जरी, हड्डी रोग या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को पहले की तरह दूसरे अस्पतालों का ही रुख करना पड़ेगा। अस्पताल में बिल्डिंग का निर्माण तो अंतिम चरणों में है, लेकिन अभी उपकरण आना बाकी हैं। इन उपकरणों की खरीदी में अभी कई माह लग जाएंगे।

तीन मुख्यमंत्री बदले, लेकिन अस्पताल शुरू नहीं

अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद प्रदेश में तीन मुख्यमंत्री बदल चुके हैं, सरकार बदल चुकी है और इंदौर जिले में लगभग दस कलेक्टर अपनी जिम्मेदारी संभालकर जा चुके हैं। हर दौर में अस्पताल को जल्द शुरू करने के दावे हुए, समय-सीमाएं तय हुईं, लेकिन अभी भी कार्य अधूरा है। अधिकारियों के मुताबिक चरणबद्ध तरीके से अन्य सेवाएं भी शुरू की जाएंगी, लेकिन इसके लिए कोई समय सीमा सामने नहीं आई है।

मरीज कई बार कर चुके शिकायत

बता दें कि इन वर्षों में इंदौर में दर्जनों निजी अस्पताल बनकर तैयार हुए हैं और साथ ही शुरू भी हो गए हैं। इन अस्पतालों को संचालित करने की अनुमति भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा ही दी गई है, लेकिन लापरवाही अधिकारी अपना ही अस्पताल शुरू नहीं करवा पा रहे हैं। इस संबंध में कई बार मरीज शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ता है।

अस्पताल के काम की गति धीमी होने का सबसे ज्यादा खामियाजा पश्चिम क्षेत्र की जनता ही हो रहा है। उन्हें छोटे-मोटे उपचार के लिए भी निजी अस्पतालों का मुंह ताकना पड़ता है। जिला अस्पताल पर नूरानी नगर, चंदन नगर, सिरपुर, बांक, द्वारकापुरी सहित दर्जनों बस्तियों के रहवासी आश्रित हैं। आसपास के दो दर्जन से अधिक गांव के लोग भी यहां इलाज के लिए आते हैं।

1988 से जर्जर बिल्डिंग में चल रहा था अस्पताल

जानकारी अनुसार आठ वर्ष पहले धार रोड पर 100 बेड का यह अस्पताल दुग्ध संघ की पुरानी जर्जर बिल्डिंग में संचालित किया जा रहा था। करीब 20 वर्ष पहले से नई बिल्डिंग के प्रस्ताव भेजे जा रहे थे। कभी 300 तो कभी 100 बेड को लेकर जद्दोजहद चलती रही। आखिर में 300 बेड का अस्पताल बनना तय हुआ।

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