इंदौर में उच्चदाब लाइन सुधरने के इंतजार में हुई देरी, दूसरे दिन भी जारी रही बिजली की परेशानी

इंदौर में उच्चदाब लाइन सुधरने के इंतजार में हुई देरी, दूसरे दिन भी जारी रही बिजली की परेशानी

खास बात रही कि 33 केवी उच्चदाब लाइन के फाल्ट होने ने उपभोक्ताओं के लिए परेशानी और बढ़ा दी। तमाम जोन में उच्चदाब लाइन फाल्ट हुई। पहले उच्चदाब लाइन के स …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 03 Jun 2026 09:07:29 AM (IST)Updated Date: Wed, 03 Jun 2026 09:07:29 AM (IST)

इंदौर में उच्चदाब लाइन सुधरने के इंतजार में हुई देरी, दूसरे दिन भी जारी रही बिजली की परेशानी
जारी रही बिजली की परेशानी। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. 10 से ज्यादा जोनों में मंगलवार को भी चलती रही बिजली की आंख-मिचौली
  2. मंगलवार तड़के तीन बजे तक सुधार का काम चलता रहा
  3. मंगलवार को भी 30 से ज्यादा फीडरों पर फाल्ट की शिकायतें मिली थीं

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। सोमवार को चली तेज हवा और बरसात के बाद गुल हुई बिजली की आंख-मिचौली का दौर मंगलवार को भी जारी रहा। शहर के दस से ज्यादा जोन ऐसे रहे जिनसे जुड़े क्षेत्रों में उपभोक्ता ज्यादा परेशान हुए। सोमवार के बदले मौसम के बाद मंगलवार तड़के तीन बजे तक सुधार का काम चलता रहा।

मंगलवार दोपहर बाद बरसात हुई तो फिर से गुल हुई बिजली ने लोगों को परेशान किया। खास बात रही कि 33 केवी उच्चदाब लाइन के फाल्ट होने ने उपभोक्ताओं के लिए परेशानी और बढ़ा दी। तमाम जोन में उच्चदाब लाइन फाल्ट हुई। पहले उच्चदाब लाइन के सुधार का इंतजार किया जाता रहा। उसके बाद घरेलु सामान्य निम्न दाब सप्लाय लाइनों पर सुधार शुरू हुआ।

रात तक घंटों बिजली बंद रही

दोनों ही बिजली आपूर्ति को लेकर सबसे ज्यादा परेशानी एयरपोर्ट, कालानी नगर, इलैक्ट्रानिक काम्प्लेक्स, तिलक नगर, मालवा मिल, मनोरमागंज, स्कीम 78, राऊ, सिरपुर, परदेशीपुरा, राजेंद्र नगर, बिजलपुर,बाणगंगा जैसे क्षेत्रों में ज्यादा देखी गई। नेहरू नगर, नंदानगर, एयरपोर्ट क्षेत्र की कॉलोनियों में तो मंगलवार रात तक घंटों बिजली बंद रही।

30 से ज्यादा फीडरों पर फाल्ट की शिकायतें मिली थीं

बिजली कंपनी के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को भी 30 से ज्यादा फीडरों पर फाल्ट की शिकायतें मिली थी। सोमवार और मंगलवार दोनों ही दिन सुधार कार्य के लिए अतिरिक्त टीमें तैनात की गई। हालांकि रात नौ बजे बाद तक भी कई क्षेत्रों में बिजली बंद थी।

इसलिए बढ़ी परेशानी

आम घरों में बिजली आपूर्ति से पहले उच्चदाब करंट को निम्न दाब में बदला जाता है। दरअसल ट्रांसमिशन कंपनी से बिजली आपूर्ति पहले 220 केवी लाइन से आती है। उसके बाद वह 132 केवी लाइन में बदलते हुए शहर में आपूर्ति से पहले 33 केवी ग्रिड में दाखिल होती है। 33 केवी ग्रिड से बिजली को 11 केवी के फीडरों में बदला जाता है।

2 से 3 घंटे 33 केवी लाइन ठीक होने में लगे

इसके बाद सामान्य घरों-व्यवसायिक संस्थानों में 11 केवी लाइन से बिजली की आपूर्ति ट्रांसफार्मर के नेटवर्क से आपूर्ति की जाती है। बीते दो दिनों में 33 केवी के सबस्टेशन और लाइन लगातार फाल्ट होती रही। ऐसे में कई जोन के इंजीनियर पहले 33 केवी लाइन फाल्ट के ठीक होने का इंतजार करते रहे। 2 से 3 घंटे 33 केवी लाइन ठीक होने में लगे। इसके बाद उन्होंने मोहल्लों-कालोनियों में निम्म दाब लाइनों के फाल्ट तलाशने में का काम शुरू किया। ऐसे में तमाम जोनों ने बिजली लाइनें ठीक होने और आपूर्ति बहाल होने में खासी देर हुई।

अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए

जिन क्षेत्रों में ज्यादा उपभोक्ताओं की शिकायत मिली है वहां पर हमनें अतिरिक्त 30-30 लाइन स्टाफ को तैनात कर सुधार कार्य तेज किया है। मंगलवार रात आठ बजे बाद तक ज्यादातर क्षेत्रों में आपूर्ति ठीक हो गई थी। कुछ इलाकों में परेशानी थी वहां भी तेजी से काम हो रहा था। -मनेंद्र गर्ग, अधीक्षण यंत्री इंदौर

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