साइबर ठगों ने अब गरबा के क्रेज को भी ठगी का जरिया बना लिया है। सोशल मीडिया और फर्जी वेबसाइटों पर खूबसूरत युवतियों की तस्वीरें लगाकर ‘रेंट ए गरबा पार्ट…और पढ़ें

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नवरात्रि में गरबा खेलने के लिए पार्टनर की तलाश है तो जरा संभलकर। साइबर ठगों ने अब गरबा के क्रेज को भी ठगी का जरिया बना लिया है। सोशल मीडिया और फर्जी वेबसाइटों पर खूबसूरत युवतियों की तस्वीरें लगाकर ‘रेंट ए गरबा पार्टनर’ के नाम से प्रोफाइल तैयार की जा रही हैं।
युवाओं को आकर्षक फीमेल पार्टनर उपलब्ध कराने का झांसा देकर पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर रुपये मांगे जाते हैं और फिर लिंक भेजकर मोबाइल, बैंकिंग और निजी जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जाता है। क्राइम ब्रांच इंदौर ने नवरात्रि और गरबा आयोजनों को देखते हुए लोगों के लिए साइबर एडवाइजरी जारी की है।
अपराध शाखा के एडीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक ठग फर्जी वेबसाइट या एप बनाकर ‘गरबा पार्टनर’ के नाम पर रजिस्ट्रेशन करवाने का झांसा दे सकते हैं। इसके लिए छोटी रकम, जैसे रजिस्ट्रेशन शुल्क, मांगा जा सकता है। रकम जमा कराने के बाद ठगी का असली खेल शुरू होता है।
पहले खूबसूरत प्रोफाइल, फिर लिंक का खेल और ब्लैकमेलिंग का खतरा
ठग आकर्षक तस्वीरों और फर्जी प्रोफाइल के जरिए युवाओं को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर सकते हैं। बातचीत के बाद रजिस्ट्रेशन या पार्टनर की बुकिंग के नाम पर लिंक भेजा जाता है। इस लिंक पर लागिन, ओटीपी, बैंक अथवा अन्य निजी जानकारी मांगी जा सकती है। क्राइम ब्रांच ने यह भी चेताया है कि कुछ ठग फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों की फोटो और वीडियो का दुरुपयोग कर सकते हैं। यानी गरबा पार्टनर के नाम पर शुरू हुई बातचीत आगे चलकर आर्थिक ठगी या ब्लैकमेलिंग का रूप भी ले सकती है।
‘999 रुपये’ से शुरू हो सकता है खेल
पुलिस की एडवाइजरी में बताया गया है कि फर्जी वेबसाइट या एप पर ‘गरबा पार्टनर’ के लिए रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे मांगे जा सकते हैं। छोटी रकम देखकर लोग इसे सामान्य बुकिंग या रजिस्ट्रेशन फीस समझकर भुगतान कर सकते हैं, लेकिन इसके बाद ठग दूसरे लिंक, ओटीपी या बैंकिंग जानकारी के जरिए बड़ी ठगी का प्रयास कर सकते हैं।
क्राइम ब्रांच की पांच सलाह
- किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अनजान एप इंस्टाल न करें।
- अपनी फोटो, वीडियो, ओटीपी, बैंक डिटेल या लोकेशन किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें।
- केवल भरोसेमंद और आधिकारिक प्लेटफार्म से ही गरबा पार्टनर या इवेंट की जानकारी लें।
- संदिग्ध प्रोफाइल, वेबसाइट या एप की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
- साइबर ठगी होने पर बिना देरी 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
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