कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताई और कहा कि जांच आखिर कब तक चलेगी। 13 जुलाई से पहले अनिवार्य रूप से रिपोर्ट पेश करें। कोर्ट ने याचिका में इंटरविनर बने सभी ल…और पढ़ें

HighLights
- कोर्ट ने सुस्त गति से चल रही जांच पर जताई नाराजगी, कहा- 13 जुलाई तक अनिवार्य रूप से पेश करें रिपोर्ट
- विजय नगर क्षेत्र में 23 जून को हुए गैस पाइप लाइन ब्लास्ट मामले में निगम ने जिम्मेदारी से पूरी तरह पल्ला झाड लिया
- निगम का कहना है कि न तो उसने इस मामले में किसी तरह की कोई अनुमति जारी की न ही मौके पर बोरिंग मशीन भेजी
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। विजय नगर क्षेत्र के सुमन नगर में 23 जून 2026 को हुए गैस पाइप लाइन ब्लास्ट मामले में निगम ने अपने जिम्मेदारी से पूरी तरह पल्ला झाड लिया है। निगम का कहना है कि न तो उसने इस मामले में किसी तरह की कोई अनुमति जारी की न ही मौके पर बोरिंग मशीन भेजी।
सुमन नगर में बोरिंग मशीन पार्षद बालमुकुंद सोनी ने बुलवाई थी। वे ही वहां काम करवा रहे थे। इधर शासन ने शुक्रवार को कोर्ट में कहा कि मामले में पुलिस जांच जारी है। जांच पूरी होते ही रिपोर्ट पेश कर देंगे। कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताई और कहा कि जांच आखिर कब तक चलेगी। 13 जुलाई से पहले अनिवार्य रूप से रिपोर्ट पेश करें। कोर्ट ने याचिका में इंटरविनर बने सभी लोगों से कहा कि वे भी चाहें तो अपनी बात लिखित में दे दें।
सुमन नगर में हुए हादसे को लेकर एडवोकेट रितेश ईनाणी ने हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है। उन्होंने जिम्मेदारों पर आपराधिक केस दर्ज करने और घायलों को निश्शुल्क उपचार उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट हादसे में झुलसे लोगों का निश्शुल्क उपचार करने और गंभीर रूप से झुलसी युवती को उपचार के लिए अहमदाबाद भेजने के आदेश दे चुकी है।
कोर्ट ने नगर निगम और शासन से कहा था कि वे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। एडवोकेट ईनाणी ने बताया कि शुक्रवार को निगम के वकील ने कोर्ट को बताया कि निगम ने बोरिंग की अनुमति नहीं दी थी, न ही मौके पर बोरिंग मशीन भेजी थी। बोरिंग मशीन पार्षद सोनी ने मौके पर बुलवाई थी। शासकीय अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि मामले में पुलिस की जांच चल रही है। कोर्ट ने 13 जुलाई से पहले रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।
सभी पक्षकार अपनी-अपनी बात लिखित में दे दें
एडवोकेट ईनाणी ने बताया कि सुनवाई के दौरान निजी अस्पतालों द्वारा हादसे में झुलसे लोगों से उपचार के नाम पर पैसा लेने की बात भी सामने आई थी। इन झुलसे लोगों के स्वजन ने याचिका में इंटरविनर बनकर अपनी बात रखी थी। कोर्ट ने इन सभी से कहा है कि वे चाहें तो अपनी बात लिखित में दे दें। कोर्ट मामले में अब 13 जुलाई को सुनवाई करेगी। पुलिस को इससे पहले अपनी जांच रिपोर्ट पेश करना होगी।
निगम ने ही भेजी थी मशीन
मशीन निगम ने ही भेजी थी। मेरे पास एक दिन पहले ही निगम के अधिकारी का फोन आया था। उन्होंने कहा था कि वे बोरिंग मशीन भेज रहे हैं। घटना के एक दिन पहले भी निगम के अधिकारी भूसामंडी में मुझसे मिले थे। मेरी काल डिटेल निकलेंगे तो पूरी बात साफ हो जाएगी। -बालमुकुंद सोनी, पार्षद वार्ड 31 इंदौर
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