शहर में दूषित और मिलावटी खानपान का मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले एक माह में दूषित भोजन को लेकर शिकायतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पहले प्रतिदि…और पढ़ें

HighLights
- शहर में दूषित और मिलावटी खानपान का मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं
- पिछले एक माह में दूषित भोजन को लेकर शिकायतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है
- पहले प्रतिदिन चार शिकायतें मिलती थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 10 तक पहुंच गई है
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में दूषित और मिलावटी खानपान का मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले एक माह में दूषित भोजन को लेकर शिकायतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पहले प्रतिदिन चार शिकायतें मिलती थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 10 तक पहुंच गई है।
यानी पहले पूरे माह में 120 शिकायते होती थी, लेकिन अब यह आकड़ा बढकर 300 पहुंच गया है। सबसे ज्यादा शिकायतें होस्टलों, कालेजों की मेस और रेस्टोरेंट से जुड़े खाने की सामने आ रही हैं। इन शिकायतों में खराब सब्जियां परोसना, भोजन में कीड़े निकलना और खाना खाने के बाद लोगों के बीमार होने जैसी गंभीर बातें शामिल हैं।
यह शिकायतें सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न माध्यमों से खाद्य विभाग तक पहुंच रही हैं। इन शिकायतों पर खाद्य विभाग की टीम निरीक्षण कर जांच कर रही है। हाल ही में इंदौर के प्रतिष्ठित शिशुकुंज स्कूल में 150 से अधिक बच्चों के बीमार होने की शिकायतें मिली। इसके अलावा मधुर गल्र्स होस्टल से 20 से अधिक छात्राओं के बीमार होने की शिकायत मिली थी। इन स्थानों की मेस में एक्यपायरी सामग्री और किचन में गंदगी मिली थी।
बासी खाना परोसा जाता है
शिकायत करने वाले विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें कई बार बासी या खराब गुणवत्ता का भोजन परोसा जाता है। कई बार सब्जियों में दुर्गंध आने, दाल और चावल की गुणवत्ता खराब होने, खाने में कीड़े मिलने की समस्याएं होती है। इसके अलावा भोजन करने के बाद पेट दर्द, उल्टी और फूड पाइजनिंग जैसी समस्याएं होती है।
रेस्टोरेंट की भी बढ़ रही शिकायतें
इसके अलावा रेस्टोरेंट से जुड़ी शिकायतों की संख्या भी बढ़ी है। शिकायतकर्ताओं ने खराब तेल का उपयोग, बासी सामग्री से खाना तैयार करना और रसोई में गंदगी जैसी शिकायतें विभाग तक पहुंचाई है। अधिकारियों के मुताबिक शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है। खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जा रहे हैं, जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई भी की जा रही है।
फूड पॉइजनिंग के भी बढ़ रहे मामले
विशेषज्ञों के मुताबिक दूषित खानपान सीधे लोगों के स्वास्थ्य पर असर डालता है। खासकर छात्र, बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में जल्दी आते हैं। फूड पाइजनिंग और अन्य संक्रामक बीमारियों के मामले भी बढ़ रहे हैं। होटल, मेस और होस्टल संचालकों को खाद्य सुरक्षा के सभी मानकों का सख्ती से पालन करना चाहिए।
शिकायत पर की जाती है कार्रवाई
दूषित खानपान की शिकायतों के बाद टीम द्वारा मौके पर निरीक्षण किया जाता है और कार्रवाई की जाती है। अभी स्कूल और कालेज में अनियमितता पाई जाने पर किचन सील करने की भी कार्रवाई की गई है। – मनीष स्वामी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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