इंदौर में मुख्यमंत्री ने सात महीने पहले किया था फूड टेस्टिंग लैब का लोकार्पण, अब तक शुरू नहीं हुई जांच

इंदौर में मुख्यमंत्री ने सात महीने पहले किया था फूड टेस्टिंग लैब का लोकार्पण, अब तक शुरू नहीं हुई जांच

इंदौर में मुख्यमंत्री ने सात महीने पहले फूड टेस्टिंग लैब का लोकार्पण किया था, लेकिन अभी तक जांच शुरू नहीं हुई है। …और पढ़ें

Publish Date: Mon, 01 Jun 2026 10:54:07 AM (IST)Updated Date: Mon, 01 Jun 2026 10:59:13 AM (IST)

इंदौर में मुख्यमंत्री ने सात महीने पहले किया था फूड टेस्टिंग लैब का लोकार्पण, अब तक शुरू नहीं हुई जांच
फूड एवं ड्रग टेस्टिंग लैबोरेटरी की तस्वीर।

HighLights

  1. मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए बनाई गई थी लैब
  2. भोपाल भेजने पड़ते हैं सैंपल, महीनों में आती है रिपोर्ट
  3. एनएबीएल प्रमाणपत्र नहीं मिलने से काम शुरू नहीं हुआ

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी और खानपान के लिए देशभर में पहचान रखने वाले इंदौर को मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए अत्याधुनिक फूड एंड ड्रग लैब का निर्माण किया गया, लेकिन जांच शुरू नहीं की गई। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने अक्टूबर 2025 में 8.30 करोड़ रुपये की लागत से तलावली चांदा स्थित लैब का लोकार्पण किया था, लेकिन सात माह बीत जाने के बाद सैंपल जांच शुरू नहीं हो सकी है।

लैब का भवन तैयार है, आधुनिक उपकरण स्थापित हैं और आठ सदस्यीय स्टाफ भी तैनात कर दिया गया है। इसके बावजूद एनएबीएल (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फार टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज) का प्रमाणपत्र नहीं मिलने के कारण प्रयोगशाला संचालन शुरू नहीं हो पाया है। जिसके कारण इंदौर और आसपास के जिलों से लिए जा रहे खाद्य एवं औषधि नमूनों को जांच के लिए भोपाल स्थित राज्य स्तरीय प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।

मिलावट के मामले लगातार आ रहे सामने

लोकार्पण के दौरान जनप्रतिनिधि और अधिकारियों ने लैब को मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का मजबूत हथियार बताया था। दावा किया गया था कि इससे जांच प्रक्रिया तेज होगी और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी, लेकिन आम लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इंदौर में मिलावट के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। यहां मसाले, दूध, आइसक्रीम आदि में मिलावट के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

महीनों तक नहीं आती रिपोर्ट

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए जाने वाले खाद्य पदार्थ के सैंपलों की रिपोर्ट भोपाल से आने में कई बार महीनों का समय लग जाता है। इस देरी का सीधा फायदा मिलावटखोरों को मिलता है। रक्षाबंधन, दीपावली जैसे बड़े त्योहारों में मिठाइयां खप जाती हैं, लेकिन रिपोर्ट ही नहीं आ पाती है। लैब शुरू होने का सबसे बड़ा फायदा ही यहीं मिलेगा कि रिपोर्ट जल्दी आ सकेगी।

www.naidunia.com
#इदर #म #मखयमतर #न #सत #महन #पहल #कय #थ #फड #टसटग #लब #क #लकरपण #अब #तक #शर #नह #हई #जच

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *