इंदौर में सरकारी बोरिंग पर दबंगों का कब्जा! जलसंकट की आहट से पहले पानी माफिया पर निगम का शिकंजा

इंदौर में सरकारी बोरिंग पर दबंगों का कब्जा! जलसंकट की आहट से पहले पानी माफिया पर निगम का शिकंजा

शहर में जल संकट की आहट सुनाई देने के बाद नगर निगम ने इससे निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। शहर में नगर निगम के छह हजार से ज्यादा बोरिंग हैं। अब नगर निग…और पढ़ें

Publish Date: Sun, 11 Oct 2026 05:59:11 PM (IST)Updated Date: Sun, 11 Oct 2026 05:59:11 PM (IST)

इंदौर में सरकारी बोरिंग पर दबंगों का कब्जा! जलसंकट की आहट से पहले पानी माफिया पर निगम का शिकंजा
इंदौर के सरकारी बोरिंग पर दबंगो का कब्जा?

HighLights

  1. इंदौर में 6,000 शासकीय बोरिंगों की जांच के लिए टीमें गठित
  2. 500 से अधिक बोरिंगों पर अवैध कब्जे की आशंका, खुलवाएगा निगम
  3. पानी बेचने वाले निजी बोरिंगों को अधिग्रहित कर भरेंगे टैंकर

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में जल संकट की आहट सुनाई देने के बाद नगर निगम ने इससे निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। शहर में नगर निगम के छह हजार से ज्यादा बोरिंग हैं। अब नगर निगम इन बोरिंगों की जांच करेगा। दरअसल इस बात की आशंका है कि निगम के इन छह हजार बोरिंगों में से कम से कम 500 बोरिंग ऐसे हैं जिन पर किसी न किसी प्रभावी व्यक्ति का कब्जा है। ऐसे में इन बोरिंग का लाभ क्षेत्र की जनता को नहीं मिल पा रहा है।

नगर निगम की टीमें ऐसे बोरिंग की जांच के साथ इस बात को भी सुनिश्चित करेगी कि इन बोरिंग का लाभ क्षेत्र की जनता को मिल सके। इसके साथ ही नगर निगम ऐसे निजी बोरिंगों को अधिग्रहित करने की योजना भी बना रहा है जिनका पानी फिलहाल बेचा जा रहा है। निगम ऐसे बोरिंगों को अधिग्रहित कर इनका पानी आमजन के लिए उपलब्ध कराएगा।

सवा लाख से अधिक बोरिंगों पर निर्भर शहर, शासकीय बोरिंगों पर अवैध कब्जे की आशंका

शहर का एक बड़ा हिस्सा आज भी नर्मदा लाइन से वंचित है। इन क्षेत्रों में पानी के लिए बोरिंग ही एक मात्र सहारा है। एक अनुमान के मुताबिक शहर में सवा लाख से ज्यादा बोरिंग हैं। इनमें से छह हजार से ज्यादा नगर निगम के हैं। कुछ क्षेत्रों में रहवासियों ने जनसहयोग से पाइप लाइनें भी बिछा रखी है ताकि पानी लोगों के घरों तक पहुंच सके, जबकि कुछ क्षेत्रों में पानी भरने के लिए लोगों को बोरिंग तक आना पड़ता है।

शासकीय बोरिंग के पीछे निगम का उद्देश्य होता है कि रहवासियों को पानी आसानी से उपलब्ध हो सके। इस वर्ष अल्पवर्षा के चलते जलसंकट के आसार बनने लगे हैं। इससे निपटने के लिए निगम ने शासकीय बोरिंग की जांच की तैयारी कर ली है। जोनल स्तर पर टीमें गठित कर जांच की जाएगी। आशंका है कि कुछ क्षेत्रों में प्रभावशाली लोगों ने शासकीय बोरिंग पर कब्जा कर रखा है। इन बोरिंग का लाभ क्षेत्र की जनता को नहीं बल्कि कुछ चुनिंदा परिवारों को ही मिल रहा है।

कम वर्षा से मंडराया संकट, पानी बेचने वाले निजी बोरिंगों को अधिग्रहित करेगा निगम

यह सूचना भी मिली है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में बोरिंग का पानी बेचा जा रहा है। नगर निगम अब ऐसे बोरिंग अधिग्रहित करने की योजना भी बना रहा है ताकि इन बोरिंग से निगम के टैंकर भरे जा सकें। जल संकट से निपटने के लिए हम निगम के बोरिंग की जांच का अभियान शुरू करने जा रहे हैं। जिन बोरिंग पर अवैध कब्जा पाया जाएगा उन्हें जनता के लिए खुलवाया जाएगा। जिन बोरिंग से पानी बेचा जा रहा है उन्हें अधिग्रहित कर निगम के टैंकर भरने की व्यवस्था की जाएगी। पिछले वर्ष भी ऐसा किया जा चुका है।

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