
डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि अधिक वजन के कारण मरीज चल और बैठ नहीं पा रहा था। उसे नींद नहीं आती थी, कोलेस्ट्रॉल बढ़ा था, पैर के ज्वाइंट खराब होने लगे थे, डायबिटिक, हाइपर टेंशन, पेनक्रियाज, हार्ट और फेफड़ों में भी सूजन आ रही थी। मरीज को तीन से चार दिन तक वेंटिलेटर पर रखा गया। इसके बाद एक सप्ताह में छुट्टी दी गई। मरीज अब इन सभी परेशानियों से निजात पा रहा है। यह ऑपरेशन निःशुल्क किया गया था। एमजीएम मेडिकल कॉलेज की टीम इसके लिए तैयार हो रही है। इससे सप्ताह में दो सर्जरी हो सकेगी। प्रबंधन के अनुसार, फरवरी से अब तक 50 सर्जरी हो चुकी है। करीब 30 मरीज वेटिंग में हैं। इनमें इंदौर सहित आसपास के जिलों व मप्र के बाहर के मरीज शामिल है।
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