इंदौर में हुए हादसे के बाद राजवाड़ा नो बस जोन हुआ घोषित, ई-रिक्शा पर कोई रोक नहीं

इंदौर में हुए हादसे के बाद राजवाड़ा नो बस जोन हुआ घोषित, ई-रिक्शा पर कोई रोक नहीं

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर में राजवाड़ा के सामने बस की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत और दो लोगों के घायल होने के बाद इसे नो बस जोन घोषित कर दिया गया है। अब यहां बसें नहीं खड़ी होंगी। उधर इस बीच क्षेत्र में ई-रिक्शा ड्राइवर कहीं भी गाड़ी खड़ी कर यात्रियों को बैठाते नजर आए।

राजवाड़ा और आस-पास के बाजार में बड़ी संख्या में लोग रोज पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा इसे अब नो बस जोन घोषित कर दिया गया है।

भीड़ ने बस के कांच फोड़ दिए थे

राजवाड़ा क्षेत्र में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पीएम सिटी बस ने सड़क से गुजर रहे राहगीरों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। घटना के बाद राजवाड़ा चौक पर मौजूद आक्रोशित भीड़ ने यात्रियों को बाहर निकालकर बस पर पथराव कर दिया और उसके कांच फोड़ दिए।

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एमजी रोड पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में बस चालक की लापरवाही सामने आई है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। चालक की भूमिका, बस की गति और हादसे के समय की परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा रही है।

पुलिस यह भी पता लगा रही है कि बस चालक ने नियंत्रण क्यों खोया और राहगीर बस की चपेट में कैसे आए। मामले में ग्रीन सेल मोबिलिटी एजेंसी प्रमुख रोशन अग्रवाल ने कहा कि मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं है। मैं इंदौर के बाहर हूं। सोमवार को लौटूंगा, तब आपको जानकारी दे पाऊंगा। फिलहाल मैं कुछ नहीं बता सकता हूं।

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एआइसीटीएसएल के सीईओ अर्थ जैन से सीधी बात

सवाल: हादसे का कारण क्या है? क्या ब्रेक फेल हुआ या ड्राइवर नया अथवा अनुभवहीन था?

जवाब: केंद्र सरकार की तरफ से ग्रीन सेल मोबिलिटी एजेंसी को नियुक्त किया गया है। एजेंसी ही चालकों की नियुक्ति कर रही है। नई बसें होने से ब्रेक फेल होना संभव नहीं है। जांच चल रही है।

सवाल: पीएम ई-सेवा के तहत शहर में कितनी बसें चल रही हैं?

जवाब: पीएम ई-सेवा के तहत शहर में 70 बसें चलाई जा रही हैं। इन सभी बसों का इसी वर्ष निर्माण हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त एजेंसी सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) पर प्रत्येक 58 किमी के हिसाब से भुगतान कर रही है।

सवाल: कार्यरत चालक को बस चलाने का कितना अनुभव है? किस योग्यता पर रखा गया है?

जवाब: ग्रीन सेल मोबिलिटी एजेंसी द्वारा चालकों की नियुक्ति की जा रही है। इसमें एआइसीटीएसएल का कोई लेना-देना नहीं है।

सवाल- क्या इन सभी बसों का फिटनेस परीक्षण किया गया है?

जवाब- इसी वर्ष निर्मित नई 70 ई-बसें आरटीओ में फिटनेस सहित अन्य नियमानुसार संचालित की जा रही हैं।

सवाल- चालक की गंभीर लापरवाही सामने आने पर क्या कार्रवाई होगी?

जवाब- चालक की लापरवाही की जांच की जा रही है। पुलिस द्वारा नियमानुसार एफआइआर की कार्रवाई की जा रही है।

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