इंदौर में 10 हजार अबॉर्शन किट जब्त, बिना डॉक्टर की पर्ची के बेची जा रही थीं दवाएं

इंदौर में 10 हजार अबॉर्शन किट जब्त, बिना डॉक्टर की पर्ची के बेची जा रही थीं दवाएं

इंदौर में औषधि विभाग की टीम ने धारकोठी स्थित घर पर पहुंची तो जांच में अवैध रूप से बना दवाईयों का गोडाउन मिला।

Publish Date: Fri, 25 Sep 2026 09:58:50 AM (IST)Updated Date: Fri, 25 Sep 2026 10:26:01 AM (IST)

इंदौर में 10 हजार अबॉर्शन किट जब्त, बिना डॉक्टर की पर्ची के बेची जा रही थीं दवाएं
घर में गोडाउन बनाकर दवाओं का बिना लाइसेंस भंडारण किया जा रहा था। – एआई इमेज

HighLights

  1. जांच के दौरान मौके पर दुकान संचालित होती नहीं मिली
  2. यहां घर में अवैध रूप से बनाया गया गोडाउन मिला
  3. गर्भपात की दवाइयों के बिल भी प्रस्तुत नहीं किए गए

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। गुरुवार को औषधि विभाग की टीम ने धारकोठी में एक घर में गोडाउन बनाकर अवैध रूप से भंडारण की गई दवाएं और गर्भपात किट जब्त की। धारकोठी में क्वालिटी फार्मा के पते पर निरीक्षण करने पहुंची टीम को जांच के दौरान मौके पर दुकान संचालित होती नहीं मिली।

यहां घर में अवैध रूप से बनाया गया गोडाउन मिला, जहां से करीब 10 हजार गर्भपात किट जब्त की गईं। औषधि विभाग के अधिकारियों के अनुसार मौके पर मौजूद लोगों ने गर्भपात की दवाइयों के बिल प्रस्तुत नहीं किए।

इससे स्पष्ट हुआ कि घर में गोडाउन बनाकर दवाओं का बिना लाइसेंस भंडारण किया जा रहा था। विभाग ने स्टाक जब्त कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जिस घर में अवैध रूप से दवाएं मिलीं, वह जावेद खान और अजय सवडतकर के नाम से पाया गया। गोदाम का लाइसेंस और विक्रय रिकॉर्ड नहीं मिला। दोनों लंबे समय से बिना डॉक्टर के पर्चे के दवाएं बेच रहे थे।

जब्त की गई अवैध गर्भपात किट और सिडेनफिल साइट्रेट दवा की कुल कीमत 52 लाख से अधिक है। विभाग ने ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई औषधि निरीक्षक योगेश गुप्ता, लोकेश गुप्ता और सारिका अग्रवाल की टीम ने की।

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एमवाय में तीन एक्स-रे मशीनों के लिए पत्राचार

एमवाय अस्पताल में एक्स-रे मशीन खराब होने के कारण मरीजों को जांच के बिना लौटना पड़ रहा है। मरीजों के बढ़ते दबाव को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तीन नई डिजिटल एक्स-रे मशीनें उपलब्ध कराने की मांग की है। इस संबंध में एमवाय अधीक्षक ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन को पत्र लिखा है।

प्रत्येक मशीन की अनुमानित लागत डेढ़ करोड़ रुपये के आसपास है। एमवायएच अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि एमएलसी मरीजों में एक्स-रे की जरूरत सामान्य मरीजों की तुलना में काफी अधिक होती है। गंभीर दुर्घटना या चोट के मामलों में एक ही मरीज के 20 तक एक्स-रे करने की स्थिति बन जाती है।

ऐसे में उपलब्ध मशीनों पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। अस्पताल में वर्तमान में एक डिजिटल एक्स-रे मशीन खराब है। प्रबंधन ने इसे जल्द शुरू करने के लिए खराब ट्यूब का आर्डर दे दिया है, लेकिन मरीजों की सुविधा के लिए नई मशीनों की तत्काल आवश्यकता है।

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