सुनील ने पूछताछ में पंकज का नाम बताया और पुलिस गिरोह तक पहुंच गई। पुलिस ने तीनों आरोपितों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए है। शुक्रवार को कोर्ट पेश कर तीनों…और पढ़ें

HighLights
- फर्जी एनओसी बनाने वाले तीन गिरफ्तार किए गए।
- यहां स्कीम-97 की भूमि की फर्जी एनओसी बनाकर।
- टीएनसीपी से नक्शा स्वीकृत करवा रहे थे आरोपित।
नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर। इंदौर विकास प्राधिकरण(आइडीए) की फर्जी एनओसी बनाकर टीएनसीपी से मानचित्र स्वीकृत करवाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। तुकोगंज पुलिस ने रिटायर महिला कर्मचारी सहित तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने किसान से 5 लाख रुपये लेकर एनओसी बनाना स्वीकार लिया है।
टीआई जितेंद्र चौहान के अनुसार भू-अर्जन अधिकारी सुदीप मीणा की शिकायत पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था। सुदीप ने पुलिस को बताया कि हुक्माखेड़ी स्थित सर्वे क्रमांक 95/1/5//2,95/1/5/3 की भूमि राजेंद्र प्रसाद उपाध्याय के नाम से है। उक्त भूमि आइडीए की स्कीम 97/4 में शामिल हो चुकी है।
इस कारण टीएनसीपी ने मानचित्र अस्वीकार कर दिया था। आरोपित पंकज व्यास निवासी अमृत पैलेस (निपानिया) ने राजेंद्र उपाध्याय से संपर्क किया और एनओसी बनाने का दावा किया।
उसने राजेंद्र से 5 लाख रुपये में डील की और साथी दलाल राजा सिंह निवासी शांतिदीप कालोनी एलआइजी के माध्यम से सानिया शेख निवासी आजाद नगर से संपर्क किया।सानिया चार माह पूर्व ही रिटायर हुई है। उसने आइडीए से एनओसी के फार्मेट की व्यवस्था की और राजा और पंकज ने फर्जी एनओसी बना ली।
उस पर फर्जी आवक जावक नंबर और भू-अर्जन अधिकारी के हस्ताक्षर बना लिए। टीएनसीपी द्वारा आइडीए को पत्र लिखने पर मामले का खुलासा हुआ। टीआई के अनुसार आरोपितों ने वेंडर सुनील यादव के माध्यम से टीएनसीपी में मानचित्र के लिए अर्जी दी थी।
सुनील ने पूछताछ में पंकज का नाम बताया और पुलिस गिरोह तक पहुंच गई। पुलिस ने तीनों आरोपितों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए है। शुक्रवार को कोर्ट पेश कर तीनों का रिमांड मांगा गया है।
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