इंदौर: सिपाही की संपत्ति देखकर फटी रह गईं अधिकारियों की आंखें, करोड़ों के बंगले, जमीन और लग्जरी गाड़ियां मिलीं

बुधवार को सुबह से लेकर देर रात तक पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय इंदौर के प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के विभिन्न ठिकानों पर लोकायुक्त की टीम द्वारा लगातार छापेमारी की कार्रवाई की गई है। लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीमों ने देवास स्थित आदर्श नगर में स्थित उनके आवास गृह संख्या 12 बी सहित कुल 14 अन्य अलग-अलग स्थानों पर एक साथ सर्च अभियान चलाया। यह पूरी कार्रवाई भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामलों की गहन जांच के तहत की जा रही है।

12 करोड़ की संपत्ति मिली

पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय ने इस पूरे मामले की जानकारी साझा करते हुए बताया है कि सर्च कार्यवाही के दौरान आरोपी पुलिसकर्मी की कई चल और अचल संपत्तियों का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि आरोपी द्वारा अपने कुल वेतन से अनुमानित आय के रूप में लगभग 75,00,000 रुपये प्राप्त किए गए हैं तथा अन्य सभी स्रोतों से होने वाली आय को मिलाकर कुल वैध आय 1,93,84,440 रुपये आंकी गई है। इसके विपरीत, आरोपी द्वारा अब तक की गई जांच में लगभग 12,95,72,028 रुपये का भारी-भरकम व्यय चल और अचल संपत्ति को खरीदने पर किया जाना पाया गया है।

रोशनी वर्मा के नाम पर कृषि भूमि एग्रीमेंट करवाए

यह कुल व्यय उसकी वैध आय से लगभग 11,01,87,588 रुपये अधिक है, जो कि उसकी आय का लगभग 568 प्रतिशत अधिक अनुपातहीन मामला बनता है। पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय ने आगे बताया कि आरोपी फिरोज खान द्वारा अपनी एक परिचित महिला जिसका नाम रोशनी वर्मा है, उसके नाम पर आवेदक के पिता से लगभग 21.75 बीघा उपजाऊ कृषि भूमि का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट भी करवा लिया गया है। इसके अतिरिक्त, जब गहन जांच की गई तो पता चला कि उसने कई अन्य अचल और चल संपत्तियां भी खरीदी हैं।

मां और पत्नी के नाम पर भी कंपनियां

ये सभी संपत्तियां स्वयं के नाम, पत्नी के नाम, माताजी के नाम, रोशनी वर्मा के नाम, साहिल ट्रेडिंग कंपनी के नाम और कुछ बेनामी संपत्तियों के रूप में कुल 33 अचल संपत्तियों का इस सर्च के दौरान अभी तक बड़ा खुलासा हुआ है। इन सभी अचल संपत्तियों को खरीदने पर आरोपीगण द्वारा 11,57,49,818 रुपये का भारी व्यय किया गया है। इन तमाम संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 29,73,18,768 रुपये आंका गया है, जो इस मामले को और अधिक गंभीर बनाता है।

9 गाड़ियां मिली

पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय ने यह भी जानकारी दी कि आरोपीगण के निवास स्थानों से ट्रक, कार, स्कॉर्पियो, स्कूटी और मोटरसाइकिल आदि सहित कुल लगभग 9 वाहनों के दस्तावेज भी जप्त किए गए हैं। इसके अलावा आरोपीगण के नाम से इंदौर, उज्जैन और देवास के विभिन्न बैंकों में लगभग 21 बैंक खाते पाए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपीगण द्वारा साहिल ट्रेडिंग कम्पनी, रॉयल ग्रीन रियल स्टेट, रोशनी सेल्स एण्ड सर्विस, महाराजा रियल स्टेट और ब्लेक हॉरनेट नामक कई कम्पनियां भी संचालित की जा रही हैं।

कागजों में दर्ज हैं कई राज

वर्तमान में आरोपीगण और उनकी इन सभी कम्पनियों तथा फर्मों के बैंक खातों का विवरण प्राप्त किया जा रहा है और एहतियात के तौर पर इन सभी बैंक खातों से पैसों के आहरण पर रोक लगा दी गई है। देवास और इंदौर में स्थित आरोपीगण के आवासों पर बुधवार को देर रात तक सर्चिंग की कार्रवाई जारी रही, जबकि अन्य शेष स्थानों पर सर्चिंग की कार्रवाई सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली गई है। लोकायुक्त की इस बड़ी कार्रवाई से भ्रष्टाचार के नेटवर्क से जुड़े कई और राज खुलने की संभावना जताई जा रही है।

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