ईमानदारी का पाठ पढ़ाने वाले शिक्षक ही ले रहे रिश्वत, कर रहे भ्रष्टाचार, लोकायुक्त कार्रवाई में रिश्वत लेने वाला हर दसवां आरोपी शिक्षक
इंदौर संभाग में वर्ष 2025 के दौरान भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियों द्वारा रिश्वत लेते हुए पकड़े गए 47 शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों में शिक्षा विभाग से जुड़े …और पढ़ें

HighLights
- चिंताजनक है कि इनमें से रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ाए कई शिक्षक बच्चों को भी पढ़ा रहे हैं
- रिश्वत लेते पकड़े गए 47 अधिकारी-कर्मचारियों में शिक्षा विभाग के पांच अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं
- 2.87 करोड़ का लाख रुपए के गबन मामले में 13 कर्मचारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुआ है
विनय यादव, नईदुनिया, इंदौर। स्कूलों में शिक्षक विद्यार्थियों को ईमानदारी, नैतिकता और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाते हैं। समाज में उन्हें आदर्श के रूप में देखा जाता है, लेकिन जब यही शिक्षक और शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी रिश्वत लेते हुए और भ्रष्टाचार करते हुए पकड़े जाते हैं तो यह केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे तंत्र की साख पर सवाल खड़ा करता है।
इंदौर संभाग में वर्ष 2025 के दौरान भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियों द्वारा रिश्वत लेते हुए पकड़े गए 47 शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों में शिक्षा विभाग से जुड़े पांच अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। यह संख्या कुल आरोपितों का करीब 10 प्रतिशत है। इनमें बीआरसी (ब्लाक रिसोर्स कोआर्डिनेटर), प्राचार्य और अतिथि शिक्षक जैसे पदों पर कार्यरत लोग शामिल रहे हैं। चिंताजनक है कि इनमें से रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ाए कई शिक्षक बच्चों को भी पढ़ा रहे हैं।
हाल ही में 10 हजार की रिश्वत लेते पकड़ाए प्राचार्य
29 मई को में लोकायुक्त पुलिस ने शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय बालक क्रमांक-1 संयोगितागंज के प्राचार्य और नोडल अधिकारी राजकुमार चेलानी को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा है। इन पर निजी स्कूल की शिकायत का निराकरण करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। मामले की शिकायत इदरिस नगर निवासी और द इंटरनेशनल कांवेंट के संचालक रवि जायसवाल ने लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय से की थी।
संभागभर में एक वर्ष में यह शिक्षक पकड़ाए रिश्वत लेते हुए
- 26-03-2025 माताप्रसाद गौड़ बीआरसी, देपालपुर
- 27-08-2025 नीरज गर्ग बीआरसी, जनपद शिक्षा केंद्र, इंदौर एक
- 11-09-2025 मनीषा पहाड़िया प्राचार्य, इंदौर
- 29-04-2025 संजय वर्मा अतिथि शिक्षक, बड़वानी
- 18-02-2025 संजय सिकरवार बीआरसी, थांदला
शिक्षा विभाग में 2.87 करोड़ का गबन, वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध
स्कूल शिक्षा विभाग के विकासखंड कार्यालय में 2.87 करोड़ का लाख रुपए के गबन मामले में 13 कर्मचारियों के खिलाफ प्रकरण एमजी रोड़ पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है, लेकिन इनमें से अब तक मुख्य आरोपित भृत्य सिध्दार्थ जोशी सहित एक अन्य की ही गिरफ्तारी की है। बाकि आरोपितों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
कार्यालय के कर्मचारी ने वर्ष 2018 से राशि को गलत तरीके से परिचितों और रिश्तेदारों के खातों में डाल दी थी। इसमें कार्यालय में पदस्थ रहे अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे है। क्योंकि करोड़ो का गबन हो गया और अधिकारी अनजान बने रहे। जानकारी अनुसार इसमें वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध है। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि 2018 से दिसंबर 2025 तक बीईओ इंदौर पद पर रहे पांच शासकीय अधिकारियों के ओटीपी से ट्रांजेक्शन होने की पुष्टि हुई है। पुलिस इसपर जांच कर रही है।
स्कूल की शिकायत पर डीपीसी ने की जांच, एक माह बाद भी रिपोर्ट नहीं
शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा स्कूलों की शिकायतों की जांच भी नहीं की जाती है। स्कीम नंबर 54 स्थित सिका गायर सेकंडरी स्कूल की कलेक्ट्रेट में छह शिकायतें पहुंची थी, जिसकी जांच के लिए डीपीसी संजय मिश्रा सहित अन्य अधिकारी पहुंचे थे। शिकायतों में एक ही दुकान से महंगा पाठ्यक्रम खरीदने सहित अन्य आरोप शामिल थे। लेकिन एक माह भी इसकी जांच पुरी नहीं हो पाई है। जबकि कलेक्टर द्वारा इस तरह के मामलों में त्वरीत कार्रवाई के आदेश थे। इसी प्रकार कई शिकायते हैं, जिनपर विभाग कार्रवाई नहीं करता है।
जमीन के सीमांकन के बदले पटवारी ने ली 6 हजार की रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ा
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