
इसके खिलाफ सत्यनारायण सूत्रकार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनकी ओर से दलील दी गई कि यह आदेश राज्य प्रशासनिक न्यायाधिकरण के निर्णय के खिलाफ है, जिसमें उनकी सेवा 12 सितंबर 1989 से निरंतर मानी गई थी। साथ ही वित्त विभाग के 2020 के परिपत्र का हवाला दिया, जिसमें स्पष्ट है कि तीसरे समयमान वेतनमान की गणना प्रारंभिक नियुक्ति तिथि से की जाएगी, चाहे प्रारंभिक नियुक्ति कलेक्टर रेट पर ही क्यों न रही हो।
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