उज्जैन-इंदौर रीजन बनेगा विकास का नया ग्रोथ इंजन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रखी डिजिटल अर्थव्यवस्था की रूपरेखा

उज्जैन-इंदौर रीजन बनेगा विकास का नया ग्रोथ इंजन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रखी डिजिटल अर्थव्यवस्था की रूपरेखा

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को इंदौर प्रवास के दौरान विकास और विरासत को साथ लेकर चलने का संदेश दिया।

पांच अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने एक ओर जहां निर्माणाधीन आइटी पार्क-3 का निरीक्षण कर उज्जैन-इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन को प्रदेश के विकास का नया ग्रोथ इंजन बताया, वहीं दूसरी ओर छात्राओं से संवाद किया, ऐतिहासिक बावड़ी के संरक्षण के निर्देश दिए, रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि अर्पित की और लिंबोदी तालाब में श्रमदान कर जल संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश को आइटी, सेवा क्षेत्र और डिजिटल अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनाने के साथ-साथ सांस्कृतिक धरोहरों और प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण भी सरकार की प्राथमिकता है।

डिजिटल अर्थव्यवस्था: इंदौर बनेगा आइटी और सेवा क्षेत्र की राजधानी

मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन आइटी पार्क-3 का निरीक्षण किया और कहा कि उज्जैन-इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन (यूआइएमआर) प्रदेश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख केंद्र बनेगा। 557 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहा 22 मंजिला आइटी पार्क मध्य भारत के सबसे बड़े तकनीकी परिसरों में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि आइटी पार्क-3, आइटी पार्क-4, उज्जैन आइटी पार्क और इंदौर-पीथमपुर आर्थिक कारिडोर मिलकर प्रदेश में नई डिजिटल अर्थव्यवस्था की नींव रखेंगे।

राष्ट्र गौरव: रानी लक्ष्मीबाई के शौर्य को किया नमन

किला मैदान पहुंचकर मुख्यमंत्री ने वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई का साहस, राष्ट्रप्रेम और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सरकार स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों की स्मृतियों को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

विरासत संरक्षण: ऐतिहासिक बावड़ी के जीर्णोद्धार के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री ने प्राचीन श्री वीरगढ़ी हनुमान मंदिर परिसर की बावड़ी का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को वैज्ञानिक पद्धति से जीर्णोद्धार, सुरक्षा व्यवस्था, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और परिसर के सुंदरीकरण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन बावड़ियां और जल संरचनाएं हमारी सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक जल प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

जल गंगा अभियान: श्रमदान, जल संरक्षण की शपथ

मुख्यमंत्री ने लिंबोदी तालाब पहुंचकर श्रमदान किया और नागरिकों को जल संरक्षण का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि जल है तो कल है और प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत दो लाख से अधिक जल संरक्षण कार्य किए जा चुके हैं। उन्होंने तालाबों, कुओं और बावड़ियों के संरक्षण के साथ जल मार्गों पर हुए अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने की घोषणा भी की।

महिला ने सीएम को सुनाई व्यथा

शारदा कन्या विद्यालय पहुंचे मुख्यमंत्री के सामने पीलिया खाल क्षेत्र की एक महिला पहुंची। महिला ने बताया कि मेट्रो स्टेशन निर्माण के लिए उसके क्षेत्र के 16 मकान अधिग्रहित किए जा रहे हैं। 15 मकान टूट चुके हैं और अब उसके मकान की बारी है। महिला का आरोप था कि मुआवजा केवल उन परिवारों को मिल रहा है जिनके बेटे हैं, जबकि उसकी तीन बेटियां हैं। मुख्यमंत्री ने मामले को सुनकर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

पांच कार्यक्रमों में शामिल हुए मुख्यमंत्री

  • आईटी पार्क-3 का किया निरीक्षण
  • शासकीय विद्यालय में छात्राओं से संवाद
  • रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि अर्पित की
  • ऐतिहासिक बावड़ी संरक्षण के निर्देश दिए
  • लिंबोदी तालाब में किया श्रमदान

मुख्यमंत्री के प्रमुख संदेश

  • उज्जैन-इंदौर रीजन बनेगा विकास का नया ग्रोथ इंजन
  • इंदौर को आइटी और सेवा क्षेत्र की राजधानी के रूप में विकसित किया जाएगा
  • शिक्षा में विज्ञान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा
  • ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण प्राथमिकता है
  • जल संरक्षण जनभागीदारी से ही सफल होगा

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