नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों और धक्का-मुक्की के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने काली पट्टी बांधकर धरना दिया। शहर के त्रिमूर्ति चौराहे पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेसियों ने धरना देकर विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई। धरने के दौरान राजेश पटेल, अजयसिंह ठाकुर, पंकज लोधा, रोहित कामदार, योगेंद्र बना, शकील खान, श्रीजीत तोमर, त्रिलोक डोडिया, जीतू चौहान सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष राजेश पटेल ने कहा कि नई दिल्ली में जंतर-मंतर के समीप मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े लोकतांत्रिक मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों (INDIA ब्लॉक) के सांसदों और वरिष्ठ नेताओं ने शांतिपूर्ण मार्च निकाला था। इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं व सांसदों को दिल्ली पुलिस ने रोकने का प्रयास किया।
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जिला उपाध्यक्ष अजयसिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों और पुलिस प्रशासन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर अकारण गंभीर बल प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ दुर्व्यवहार और धक्का-मुक्की की गई। इस दौरान कई जनप्रतिनिधियों के चोटिल और घायल होने का भी दावा किया गया। इसके बाद नेताओं को हिरासत में लिया गया।
पंकज लोधा ने कहा कि जीवंत लोकतंत्र में जनता की आवाज उठाना, चुनावी प्रक्रियाओं की शुचिता की मांग करना और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना विपक्ष का मौलिक और संवैधानिक अधिकार है। जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों और विपक्षी नेताओं के साथ इस तरह का व्यवहार निंदनीय है। उन्होंने इसे भारतीय संसदीय गरिमा और लोकतंत्र पर आघात बताया। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।