ओमान तट के पास हुए अमेरिकी मिसाइल हमले में मारे गए भारतीयों के परिजनों ने क्या कहा?

ओमान तट के पास हुए अमेरिकी मिसाइल हमले में मारे गए भारतीयों के परिजनों ने क्या कहा?

रामजी चौरसिया

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इमेज कैप्शन, मृतक शिवानंद के पिता रामजी चौरसिया

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अमेरिकी सेना ने ओमान के तट पर भारतीय तेल टैंकर सेटेबेलो पर 10 जून को हमला किया. इस जहाज़ पर 24 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से 21 को बचा लिया गया था. जबकि तीन नाविकों को लापता बताया गया था.

हालांकि, इसके बाद भारत सरकार के पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार को बताया कि लापता हुए तीनों भारतीय नाविकों के शव मिले हैं.

मृतकों में उत्तर प्रदेश के देवरिया के रहने वाले शिवानंद चौरसिया, हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर ज़िले के रहने वाले आदित्य शर्मा और आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के रहने वाले पटनाला सुरेश शामिल हैं.

शिवानंद इंजन फिटर के रूप में तैनात थे, आदित्य शर्मा डेक कैडेट और पटनाला सुरेश चीफ़ इंजीनियर थे.

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जानकारी दी है कि मृतक आदित्य शर्मा नादौन के गलोड़ निवासी थे.

बीबीसी न्यूज़ हिन्दी ने शिवानंद चौरसिया और आदित्य शर्मा के परिजनों से बात की है. जबकि समाचार एजेंसी पीटीआई ने पटनाला सुरेश की पत्नी से बात की है.

पिता बोले- हमारी परसों रात को बात हुई

मृतक शिवानंद चौरसिया और आदित्य शर्मा

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इमेज कैप्शन, शिवानंद चौरसिया (बाएं) और आदित्य शर्मा की ओमान तट के पास जहाज़ पर हुए हमले में मौत हुई (फ़ाइल फ़ोटो)

बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सैय्यद मोज़िज़ इमाम के मुताबिक 35 साल के शिवानंद चौरसिया उत्तर प्रदेश के देवरिया ज़िले के सुरौली पेकोली गांव के रहने वाले थे.

परिवारवालों ने बताया कि शिवानंद क़रीब आठ महीने पहले मुंबई गए थे, वह एक विदेशी शिपिंग कंपनी में बतौर क्रू मेंबर काम कर रहे थे.

शिवानंद के पिता रामजी चौरसिया ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, “हम लोगों की उससे आखिरी बार परसों रात को बात हुई थी. तब उसने कहा था कि सब ठीक है. लेकिन अब सूचना मिली है कि वो नहीं रहा.”

ये कहते-कहते शिवानंद के पिता भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े.

शिवानंद चौरसिया के पत्नी के भाई संजय चौरसिया ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा, “हमें आज ही जानकारी मिली कि वो हमले के बाद लापता है.”

हालाँकि गुरुवार को शिपिंग मंत्री सर्बानांद सोनोवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर बताया कि जिन तीन भारतीयों के लापता होने की जानकारी मिली थी, दुर्भाग्यवश अब उन तीनों भारतीय नाविकों के शव मिले हैं.

संजय चौरसिया

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इमेज कैप्शन, शिवानंद चौरसिया की पत्नी के भाई संजय चौरसिया

गांव के रहने वाले रोहन शाही ने कहा, “हमें यह पता चला है कि ओमान की खाड़ी में शिप पर मिसाइल अटैक हो गया है, जिसमें हमारे गांव के शिवानंद की कैज़ुएलटी हो गई. परिवार की स्थिति अच्छी नहीं थी, लेकिन लड़का संभाल रहा था, लेकिन अब उसकी भी मौत हो गई.”

शिवानंद चौरसिया के दो बच्चे हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति भी कुछ ख़ास अच्छी नहीं है. उनके मिसाइल हमले में मारे जाने की ख़बर सुनने के बाद गांव के लोगों की घर पर भीड़ लगी है.

मृतक आदित्य के पिता ने ये मांग की

राजेश शर्मा

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इमेज कैप्शन, मृतक आदित्य के पिता राजेश शर्मा

बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सौरभ चौहान के अनुसार हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर ज़िले के गलोड क्षेत्र के हड़ेटा के रहने वाले 23 वर्षीय आदित्य भी इस हमले में मारे गए हैं.

मृतक आदित्य के पिता राजेश शर्मा ने कहा, “मेरी मांग है कि मेरे बेटे का शव हम तक पहुंचाया जाए. साथ ही उसके आखिरी क्षणों की जानकारी भी देनी चाहिए. मुझे ये जानना है कि उन्हें मदद मुहैया करवाई गई थी या नहीं. बाकी लोगों को बचा लिया गया, लेकिन इन तीनों को क्यों नहीं बचाया.”

उन्होंने कहा, “हमें पहले ये जानकारी थी कि जहाज़ ओमान तक जाएगा और ओमान से वापस लौट आएगा. इसके बाद हमें जानकारी मिली कि वो ईरान तक जाने की कोशिश कर रहे हैं, ये हमारे लिए चौंकाने वाला था.”

राजेश शर्मा कहा, “कैप्टन को यह रूट नहीं लेना चाहिए था. इस बात की जांच होनी चाहिए कि कैप्टन ने किस मजबूरी में आकर जहाज़ को वॉर ज़ोन में ले जाने का फ़ैसला किया.”

आदित्य के दादा अशोक कुमार ने कहा, “मेरा एक ही पोता था. मैं सांसद अनुराग ठाकुर से मांग करता हूं कि जहाज़ के कप्तान को शिप आगे ले जाने के लिए किसने अनुमति दी, इसकी जांच भी की जाए ताकि दोषियों को सज़ा मिल सके.”

सुखविंदर सिंह सुक्खू

सुरेश की पत्नी बोलीं- मुझे मैसेज आया था

ओमान तट पर अमेरिकी हमले में मारे गए चीफ़ इंजीनियर पटनाला सुरेश आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के रहने वाले थे.

उनकी पत्नी भार्गवी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, “कल रात मुझे कॉल और मैसेज किया गया. मैसेज में लिखा था- असुविधा के लिए माफ़ी, जिस जहाज़ पर आपके पति काम कर रहे थे उस पर ड्रोन हमला हुआ है और तीन भारतीय क्रू सदस्य लापता हैं.”

उन्होंने बताया, “सबसे पहले उन्होंने मेरे पति का नाम लिया, फिर बाक़ी दो क्रू सदस्यों के नाम बताए. उसके बाद मैं लगातार जानकारी लेती रही. मैंने सुपरिंटेंडेंट का नंबर मांगा, तो उन्होंने दुबई ऑफ़िस का नंबर दिया. जब मैंने वहां संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि बचाव अभियान चल रहा है. उन्होंने कहा कि 21 क्रू सदस्य बचा लिए गए हैं और तीन लापता हैं.”

“दोपहर क़रीब 1 बजे उन्होंने पुष्टि की कि मेरे पति का शव मिल गया है. वो आधिकारिक पुष्टि तब तक नहीं कर सकते थे जब तक शव बरामद न हो. तब तक उन्होंने बचाव अभियान जारी रखा और खोज बंद नहीं की.”

मृतक की पत्नी ने मांग की, “मैं अनुरोध करती हूं अब उनका शव पहुंचाने में देर न करें और प्रक्रिया जल्दी पूरी करें.”

अमेरिका ने इस जहाज़ पर क्यों किया हमला

दरअसल, सेटेबेलो जहाज़ अमेरिकी सेना की ओर से दागे गए ‘प्रिसिजन म्यूनिशन्स’ की ज़द में आया था.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने इस जहाज़ पर हमला करने की वजह भी बताई है. सेंटकॉम ने दावा किया कि पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर सेटेबेलो ने ईरान से तेल ले जाते हुए जारी नाकाबंदी का उल्लंघन किया था.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स पर जारी बयान में दावा किया, “अमेरिकी बलों की ओर से बार-बार चेतावनी देने के बावजूद जहाज़ के चालक दल ने नज़रअंदाज़ किया.”

“इसके बाद एक अमेरिकी विमान ने जहाज़ के इंजन को निशाना बनाते हुए सटीक हथियारों से हमला किया.”

अमेरिकी सेना ने सेटेबेलो पर किए हमले का एक वीडियो भी साझा किया है.

भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया

एस जयशंकर

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इमेज कैप्शन, भारतीय विदेश मंत्रालय ने सेटेबेलो पर हुए हमले की निंदा की (फ़ाइल फ़ोटो: विदेश मंत्री एस जयशंकर)

तेल टैंकर सेटेबेलो पर हुए हमले के बाद भारत ने अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है.

भारत सरकार ने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के उप प्रमुख जेसन मीक्स को तलब किया और इस घटना पर विरोध जताया. मीक्स को इसलिए तलब किया गया, क्योंकि भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर कज़ाख़स्तान की यात्रा पर थे.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने सेटेबेलो पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा, “हम एक बार फिर तनाव को तुरंत कम करने और चल रही बातचीत को कूटनीतिक समाधान तक पहुंचाने की अपील करते हैं ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता वापस आ सके.”

मंत्रालय ने कहा, “वाणिज्यिक जहाज़ों और सिविलियन इंफ़्रास्ट्रक्चर को टारगेट करना बंद होना चाहिए. अंतरराष्ट्रीय क़ानून के अनुसार क्षेत्र के समुद्री रास्तों पर बिना रुकावट के आवागमन और व्यापार जल्द से जल्द बहाल होना चाहिए.”

पहले भी एक जहाज़ पर हमला हुआ, लेकिन सभी नाविक बचा लिए गए थे

जहाज़

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इमेज कैप्शन, इससे पहले आठ जून को भी एक जहाज़ हमले का शिकार हुआ था (प्रतीकात्मक तस्वीर)

इससे पहले सोमवार यानी आठ जून को भी एक जहाज़ हमले का शिकार हुआ है, जिसमें 24 भारतीय नाविक सवार थे. हालांकि, बाद में इन्हें सुरक्षित बचा लिया गया था.

सबसे पहले इसकी जानकारी फ़ॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ़ इंडिया (एफ़एसयूआई) ने दी थी. एफ़एसयूआई ने क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके परिवारों को मदद देने के लिए अपील की थी.

इसके बाद ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने भी इस मामले की पुष्टि की. भारतीय एक्स पर लिखा, “हम उस घटना से अवगत हैं, जिसमें भारतीय नाविकों वाले एक जहाज़ पर हमला हुआ है. हम उनकी सुरक्षा और बचाव के लिए ओमान के अधिकारियों के संपर्क में हैं.”

दूतावास ने इसके बाद यह अपडेट साझा किया था कि इस जहाज़ पर सवार सभी लोगों को बचा लिया गया है. इसके लिए दूतावास ने ओमान के अधिकारियों का आभार भी व्यक्त किया.

(अमित कुमार की अतिरिक्त रिपोर्टिंग के साथ)

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.



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