करियर के सबसे बुरे दौर में पीवी सिंधू ने किस क्रिकेटर को किया फोन?:किया खुलासा; बोलीं- एक सलाह ने बदली जिंदगी – Pv Sindhu Reveals How Virat Kohli’s Advice Sparked Her Comeback Journey
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जापान ओपन 2026 का खिताब जीतने के बाद पीवी सिंधू की आंखों में खुशी के आंसू थे। यह सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं थी, बल्कि पिछले दो साल के संघर्ष, दर्द और लगातार मिली निराशाओं पर जीत थी। हालांकि, इस शानदार वापसी की कहानी कोर्ट पर नहीं, बल्कि बेंगलुरु में हुई एक मुलाकात से शुरू हुई थी। उस मुलाकात की वजह बने भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान विराट कोहली। सिंधू ने खुलासा किया कि जब वह अपने करियर के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही थीं, तब उन्होंने विराट को फोन किया था। उस बातचीत ने उनकी सोच और करियर, दोनों बदल दिए।
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पीवी सिंधू
– फोटो : ANI
जब सबसे बुरे दौर में किया विराट को फोन
सिंधू के लिए पिछले 24 महीने बेहद कठिन रहे। स्ट्रेस फ्रैक्चर से उबरना, पेरिस ओलंपिक में निराशाजनक प्रदर्शन, लगातार चोटें और दो साल तक कोई बड़ा खिताब नहीं जीत पाना उनके आत्मविश्वास को झकझोर चुका था। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘एक चीज जिसके लिए मैं हमेशा विराट भाई की आभारी रहूंगी। मैंने अपने करियर के सबसे मुश्किल दौर में उन्हें फोन किया था। चोटें लगातार बढ़ रही थीं, नतीजे नहीं आ रहे थे और मुझे किसी ऐसे इंसान की जरूरत थी, जो इस दर्द को समझ सके। उन्होंने कुछ ही मिनटों में जवाब दिया और अगले ही दिन हम मिले।’
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पीवी सिंधू और वेंकट दत्ता
– फोटो : ANI/Twitter
पति के साथ हुई लंबी बातचीत, जिसने बदल दी सोच
इस मुलाकात में सिंधू के साथ उनके पति वेंकट दत्ता साई भी मौजूद थे। दोनों ने विराट के साथ कई घंटे बिताए। सिंधू ने बताया, ‘हमारे बीच क्या बातचीत हुई, वह हमेशा हमारे बीच ही रहेगी। लेकिन जब मुझे किसी की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब विराट भाई मेरे साथ खड़े थे। उन्होंने ज्यादा बातें नहीं कीं, लेकिन उनकी हर बात मेरे और दत्ता के दिल में बस गई। कुछ बातचीत आपकी सोच बदल देती है और यह वैसी ही मुलाकात थी।’
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सिंधू और कोहली
– फोटो : ANI
विराट की एक सलाह बनी टर्निंग प्वाइंट
सिंधू के मुताबिक विराट ने उन्हें बहुत आसान लेकिन जिंदगी बदल देने वाली सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘सबसे बड़ी सीख यही थी कि ट्रॉफी के पीछे भागना छोड़ो और खेल का आनंद फिर से ढूंढ़ो।’
सिंधू ने कहा कि अब उन्हें पता है कि वह हर सुबह 5:30 बजे अभ्यास के लिए क्यों उठती हैं। उन्होंने कहा, ‘आज मैं जानती हूं कि मैं सुबह 5:30 बजे क्यों उठती हूं। अब वजह ट्रॉफी या जीत नहीं है, बल्कि उससे कहीं ज्यादा गहरी है।’
विराट की सलाह के बाद सिंधू ने धीरे-धीरे खुद को फिर से तैयार करना शुरू किया। उन्होंने अपने पति, स्ट्रेंथ ट्रेनर वेन लोम्बार्ड और इंडोनेशियाई कोच इरवांश्या के साथ मिलकर फिटनेस, तकनीक और मानसिक मजबूती पर काम किया।
उन्होंने करीब 3.5 किलोग्राम वजन घटाया, नेट गेम बेहतर किया और लंबी रैलियों में धैर्य रखना सीखा। डेटा आधारित ट्रेनिंग को भी अपनी तैयारी का अहम हिस्सा बनाया।
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सिंधू और कोहली
– फोटो : ANI
जापान ओपन जीतकर रचा इतिहास
इस मेहनत का फल जापान ओपन के फाइनल में मिला। सिंधू ने मेजबान जापान की स्टार खिलाड़ी अकाने यामागुची को 21-17, 21-17 से हराकर खिताब अपने नाम किया।
इसके साथ ही वह जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं। 31 साल की उम्र में उन्होंने सुपर-750 खिताब जीतने वाली सबसे उम्रदराज महिला खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड भी बनाया।
सिंधू ने कहा कि मुश्किल दौर में उनके मन में कई सवाल जरूर आए, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने कहा, ‘चोट लगने पर खिलाड़ी खुद पर शक करने लगता है।’
सिंधू ने कहा, ‘मन में सवाल आते हैं कि क्या मैं पहले से ज्यादा मजबूत वापसी कर पाऊंगी? क्या मैं अपना 100 प्रतिशत दे पाऊंगी? लेकिन मैंने हमेशा खुद पर विश्वास रखा।’
सिंधू ने कहा, ‘यह खिताब मेरे लिए बहुत अहम था। इससे मेरा आत्मविश्वास लौटा है और मैं जानती हूं कि मेरी कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।’