केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने आज राजकोट में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में उन्नत (एडवांस्ड) रेडियोथेरेपी सुविधा का उद्घाटन किया। उन्होंने इस सुविधा को देश को समर्पित किया।
कैंसर के इलाज को लेकर मंत्री ने क्या कहा?
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री नड्डा ने कहा, ‘कैंसर, मरीजों और उनके परिवारों पर चिकित्सा, भावनात्मक, सामाजिक और आर्थिक रूप से बड़ा बोझ डालता है’। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समय पर इलाज बहुत जरूरी है। किसी भी व्यक्ति को उसकी जगह या आर्थिक स्थिति के कारण बेहतर कैंसर इलाज से वंचित नहीं रहना चाहिए।

मंत्री ने कहा कि इस नई सुविधा से खासतौर पर सौराष्ट्र और कच्छ के लोगों को फायदा होगा। पहले इन इलाकों के लोगों को विशेष इलाज के लिए अहमदाबाद और मुंबई जैसे दूर के शहरों में जाना पड़ता था। उन्होंने कहा, यह क्षेत्र में कैंसर के इलाज तक लोगों की पहुंच बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
एम्स के विस्तार पर क्या कहा?
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एम्स के विस्तार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत में पहले केवल नई दिल्ली में एक एम्स था। अब 22 में से 18 एम्स काम कर रहे हैं। इससे विशेष और उच्च स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच काफी बढ़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सभी स्तरों के बीच बेहतर तालमेल होना जरूरी है। इससे मरीजों को उनकी जरूरत के अनुसार सही इलाज मिल सकेगा।

कैंसर की जांच को लेकर क्या आंकड़े बताए?
कैंसर से बचाव और समय पर उसकी पहचान पर जोर देते हुए नड्डा ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिये चलाए जा रहे जांच अभियानों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 से अब तक उच्च रक्तचाप और मधुमेह की करीब 44-44 करोड़ जांच की गई हैं। वहीं, मुंह के कैंसर के लिए करीब 37.7 करोड़ लोगों की जांच की गई है। इनमें लगभग 2.5 लाख मामले सामने आए हैं।
स्तन कैंसर की जांच के दायरे में करीब 17.7 करोड़ महिलाएं आई हैं। इनमें लगभग 95 हजार मामले सामने आए हैं। वहीं, गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के लिए 9.8 करोड़ महिलाओं की जांच की गई है। इनमें करीब एक लाख मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि समय पर बीमारी का पता चलने से मरीज जल्द इलाज करा सकते हैं। इससे उनके ठीक होने की संभावना भी बढ़ती है।

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आयुष्मान भारत योजना से कैसे मिल रही मदद?
मंत्री ने लैंसेट की एक रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों का भी जिक्र किया। इसके मुताबिक, कैंसर के 90 प्रतिशत मरीज 30 दिनों के भीतर इलाज शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा कि समय पर इलाज मिलने में सुधार की एक वजह आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के जरिये आर्थिक सुरक्षा का दायरा बढ़ना भी है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को पहले जैसी आर्थिक परेशानी के बिना इलाज कराने में मदद मिली है।
एम्स राजकोट में एबी-पीएमजेएवाई के पात्र लाभार्थियों को कैंसर का इलाज मुफ्त मिलेगा। वहीं, दूसरे मरीजों को रियायती दरों पर इलाज दिया जाएगा। इसका मकसद मरीजों पर आर्थिक बोझ कम करना है।
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