कोलकाता:नौसेना के आधुनिक गश्ती पोत ‘श्रेयस’ का जलावतरण, पोत से समुद्री सुरक्षा और निगरानी की बढ़ेगी क्षमता – Launch Of Navy’s Modern Patrol Vessel ‘shreyas’; Will Enhance Maritime Security And Surveillance Capabilities.

कोलकाता:नौसेना के आधुनिक गश्ती पोत ‘श्रेयस’ का जलावतरण, पोत से समुद्री सुरक्षा और निगरानी की बढ़ेगी क्षमता – Launch Of Navy’s Modern Patrol Vessel ‘shreyas’; Will Enhance Maritime Security And Surveillance Capabilities.

कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) ने भारतीय नौसेना के लिए बनाए जा रहे अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोतों में से तीसरे ‘श्रेयस’ का शनिवार को जलावतरण किया। रक्षा मंत्रालय के अधीन नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ने पांच महीने से भी कम समय में इस श्रृंखला के तीन पोतों का जलावतरण किया है। यह उपलब्धि स्वदेशी युद्धपोत निर्माण की गति और क्षमता को दर्शाती है।

 





Launch of Navy's modern patrol vessel ‘Shreyas’; will enhance maritime security and surveillance capabilities.

नौसेना के आधुनिक गश्ती पोत ‘श्रेयस’ का जलावतरण
– फोटो : अमर उजाला


नौसेना के उपप्रमुख वाइस एडमिरल अजय कोचर की पत्नी रेयमान कोचर ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक अनुष्ठानों के बीच पोत का जलावतरण किया। वाइस एडमिरल अजय कोचर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। श्रृंखला के पहले पोत ‘संघमित्रा’ का जलावतरण 20 मई और दूसरे पोत ‘श्रुति’ का 11 अगस्त 2026 को हुआ था। संस्कृत में ‘श्रेयस’ का अर्थ कल्याणकारी या सर्वोत्तम हित के मार्ग से है। 

करीब 113 मीटर लंबे और 14.6 मीटर चौड़े इस पोत का विस्थापन 3,000 टन है। यह अधिकतम 23 समुद्री मील की गति से चल सकेगा। 14 समुद्री मील की सामान्य गति पर इसकी परिचालन दूरी 8,500 समुद्री मील होगी।


Launch of Navy's modern patrol vessel ‘Shreyas’; will enhance maritime security and surveillance capabilities.

नौसेना के आधुनिक गश्ती पोत ‘श्रेयस’ का जलावतरण
– फोटो : अमर उजाला


समुद्री निगरानी और सुरक्षा में मिलेगी मदद

ये पोत तटीय और अपतटीय प्रतिष्ठानों की सुरक्षा, समुद्री निगरानी, संदिग्ध जहाजों की जांच, समुद्री डकैती रोधी अभियान और घुसपैठ रोकने जैसे कार्यों में तैनात किए जाएंगे। इनका इस्तेमाल खोज एवं बचाव, मानवीय सहायता, आपदा राहत और विशेष अभियानों में भी किया जा सकेगा। जीआरएसई के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कमोडोर पीआर हरि (सेवानिवृत्त) ने कहा कि कंपनी युद्धपोत निर्माण और आपूर्ति की गति बढ़ा रही है। फिलहाल नौ युद्धपोतों सहित 32 अन्य पोतों और प्लेटफॉर्म का निर्माण चल रहा है। इनमें 13 पोत निर्यात के लिए हैं। कंपनी अब तक भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और मित्र देशों को 118 युद्धपोत सौंप चुकी है।


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