कौन हैं एर्लिंग हालंद?:ब्राजील का सपना तोड़ने वाला गोल मशीन…जिसने पिता का अधूरा सपना पूरा किया; पढ़ें कहानी – Who Is Erling Haaland? The Story Behind Norway Goal Machine Who Ended Neymar And Brazil’s Fifa World Cup Dream
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जब भी विश्व फुटबॉल में बड़े उलटफेरों की बात होगी तो फीफा विश्व कप 2026 में ब्राजील के खिलाफ एर्लिंग हालंद का प्रदर्शन जरूर याद किया जाएगा। पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील के सामने नॉर्वे को ज्यादा लोग दावेदार नहीं मान रहे थे, लेकिन हालंद ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मैच बड़े खिलाड़ी ही जीता दिलाते हैं।
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हालंद
– फोटो : ANI
ब्राजील के खिलाफ मैच में किया कमाल
मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए राउंड ऑफ 16 मुकाबले में लंबे समय तक ब्राजील ने गेंद पर कब्जा बनाए रखा, लेकिन नॉर्वे का डिफेंस चट्टान बना रहा।
फिर 79वें मिनट में एर्लिंग हालंद ने एंड्रियास शेल्डेरुप के क्रॉस पर जोरदार हेडर लगाकर गोल किया। ब्राजील संभल पाता, उससे पहले ही हालंद ने 90वें मिनट में दूसरा गोल दाग दिया।
इंजरी टाइम में नेमार ने पेनल्टी से एक गोल जरूर किया, लेकिन तब तक मुकाबला नॉर्वे की झोली में जा चुका था।
इसी जीत ने नॉर्वे को इतिहास में पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचा दिया, जबकि ब्राजील का सपना टूट गया और नेमार ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास का एलान कर दिया।
हालंद का यह पहला विश्वकप है और वह किसी दिग्गज की तरह खेल रहे हैं।
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हालंद और नॉर्वे टीम
– फोटो : FIFA.COM
छोटे कस्बे का लड़का, जिसने दुनिया जीत ली
आज दुनिया उन्हें गोल मशीन कहती है। डिफेंडर उनका नाम सुनकर घबरा जाते हैं, लेकिन एर्लिंग हालंद की कहानी किसी बड़े शहर या नामी फुटबॉल अकादमी से शुरू नहीं हुई थी। उनका बचपन नॉर्वे के छोटे से कस्बे ब्रायने में बीता, जहां फुटबॉल जुनून था, कारोबार नहीं।
बचपन में हालंद न तो इतने लंबे थे और न ही शारीरिक रूप से इतने मजबूत। उन्होंने सबसे पहले अपनी तकनीक, स्पीड और गेंद पर नियंत्रण को बेहतर बनाया। किशोरावस्था में अचानक लंबाई और ताकत बढ़ी तो वही खिलाड़ी दुनिया के सबसे खतरनाक स्ट्राइकरों में बदल गया।
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एर्लिंग हालंद और उनके पिता
– फोटो : FIFA.COM
पिता का अधूरा सपना, बेटे की सबसे बड़ी प्रेरणा
एर्लिंग के पिता अल्फी हालंद भी नॉर्वे के लिए फुटबॉल खेल चुके हैं और 1994 विश्व कप टीम का हिस्सा रहे थे। बचपन से एर्लिंग ने पिता से विश्व कप की कहानियां सुनीं। यही वजह रही कि जब उन्हें पहली बार विश्व कप खेलने का मौका मिला तो वह सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि पिता के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए मैदान में उतरे।
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हालंद और नॉर्वे टीम
– फोटो : FIFA.COM
रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहे हैं हालंद
ब्राजील के खिलाफ दो गोल करने के बाद एर्लिंग हालंद का रिकॉर्ड और भी शानदार हो गया है। उन्होंने विश्व कप 2026 में अब तक सिर्फ चार मैचों में सात गोल दागे हैं और गोल्डन बूट की दौड़ में संयुक्त बढ़त पर पहुंच गए हैं। इतना ही नहीं, वह लगातार 14 प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में गोल करने का कारनामा कर चुके हैं, जिसमें उनके नाम 27 गोल दर्ज हैं।
नॉर्वे के लिए अब तक 54 मैचों में उनके 62 गोल हो चुके हैं। एक और दिलचस्प आंकड़ा यह है कि जब-जब हालंद गोल करते हैं, नॉर्वे की जीत लगभग तय हो जाती है। उनके गोल वाले मुकाबलों में टीम लगातार 17 मैच जीत चुकी है और इस दौरान उन्होंने अकेले 31 गोल किए हैं।