गुजरात के समुद्री तट से एक बेहद गंभीर और बड़ा हादसा सामने आया है, जहां कांडला के बाहरी लंगरगाह के पास दो मालवाहक जहाजों के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस भीषण समुद्री दुर्घटना की सूचना मिलते ही भारतीय तटरक्षक बल ने तुरंत मोर्चा संभाला और बिना किसी देरी के राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। तटरक्षक बल के जवानों ने अत्यधिक तेजी और मुस्तैदी दिखाते हुए एक मालवाहक जहाज पर सवार कुल चौबीस चालक दल के सदस्यों में से इक्कीस सदस्यों को सकुशल और सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बल ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन और उठाए गए सुरक्षा कदमों की आधिकारिक जानकारी दी है।
Following a collision between merchant vessels MV KMAX EMPEROR and MV TRUE MARINER off outer anchorage OTB Kandla, @IndiaCoastGuard launched a swift rescue operation, leading to safe evacuation of 21 of the 24 crew members aboard MV KMAX EMPEROR. 3 crew members remain onboard to… pic.twitter.com/nJCsfPkBbT
— Indian Coast Guard (@IndiaCoastGuard) September 11, 2026
क्या है गुजरात तट पर जहाजों की टक्कर की पूरी घटना?
भारतीय तटरक्षक बल के अनुसार यह दुर्घटना कांडला के आउटर एंकरेज यानी ओटीबी कांडला के नजदीक गहरे समुद्र में हुई। इस हादसे में दो बड़े व्यापारिक जहाज ‘एमवी केमैक्स एम्परर’ (MV KMAX EMPEROR) और ‘एमवी ट्रू मेरिनर’ (MV TRUE MARINER) आपस में टकरा गए। दोनों जहाजों की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि जहाज पर मौजूद नाविकों की जान पर बन आई। सूचना मिलते ही तटरक्षक बल की विशेष टीमें बचाव नौकाओं के साथ मौके पर पहुंचीं और तेजी से कार्रवाई शुरू करते हुए ‘एमवी केमैक्स एम्परर’ में फंसे इक्कीस नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की।

कैसे चलाया गया तेज और सुरक्षित बचाव अभियान?
तटरक्षक बल ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बिना समय गंवाए तेज बचाव अभियान चलाया। समुद्र की तेज लहरों और टक्कर के बाद बने जोखिम भरे हालात के बीच जवानों ने एमवी केमैक्स एम्परर जहाज तक पहुंच बनाई। नाविकों को सुरक्षित निकालने के लिए पेशेवर तरीके से निकासी प्रक्रिया पूरी की गई। इस त्वरित कार्रवाई के चलते इक्कीस चालक दल के सदस्यों को बिना किसी बड़े नुकसान के सुरक्षित बचा लिया गया, जिससे समुद्र में एक बहुत बड़ी जनहानि होने से समय रहते बच गई।
जहाज पर मौजूद बाकी तीन क्रू मेंबर्स की क्या है भूमिका?
तटरक्षक बल ने स्पष्ट किया कि यद्यपि इक्कीस नाविकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है, लेकिन एमवी केमैक्स एम्परर पर अभी भी चालक दल के तीन सदस्य मौजूद हैं। ये तीन सदस्य पोत के आवश्यक तकनीकी संचालन को चालू रखने और जरूरी सहायता प्रदान करने के लिए जहाज पर ही रुके हुए हैं। उनकी मौजूदगी यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है कि जहाज के बुनियादी सिस्टम काम करते रहें और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बनी रहे।

क्या समुद्र में प्रदूषण रोकने के लिए उठाए गए हैं कड़े कदम?
जहाजों की इस टक्कर के बाद समुद्र में तेल रिसाव या अन्य पर्यावरणीय खतरों से निपटने के लिए तटरक्षक बल ने व्यापक प्रदूषण नियंत्रण उपाय सक्रिय कर दिए हैं। बल ने बताया कि वे इस संबंध में नौवहन महानिदेशालय (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग), प्रमुख केंद्रीय एजेंसियों और राज्य प्रशासन के साथ बेहद करीबी तालमेल बनाकर काम कर रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है ताकि समुद्री पर्यावरण को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे।
समुद्री सुरक्षा को लेकर क्या है तटरक्षक बल की तैयारी?
भारतीय तटरक्षक बल ने जोर देकर कहा कि वह गुजरात तट के साथ समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और तटीय पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के लिए पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है। बल लगातार समुद्र में स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है ताकि व्यापारिक जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। तटरक्षक बल की तत्परता से न केवल नाविकों की जान बची है, बल्कि गुजरात के संवेदनशील समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा रही है।
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