घर-गाड़ियां सब डूबे, स्कूल भी बंद:बारिश से गुजरात में बाढ़ जैसे हालात; मौत के मुंह से 1200 लोगों का रेस्क्यू – Gujarat Heavy Rain Flood Like Situation 22000 Relocated 1200 Rescued Valsad Navsari

घर-गाड़ियां सब डूबे, स्कूल भी बंद:बारिश से गुजरात में बाढ़ जैसे हालात; मौत के मुंह से 1200 लोगों का रेस्क्यू – Gujarat Heavy Rain Flood Like Situation 22000 Relocated 1200 Rescued Valsad Navsari

दक्षिण गुजरात में भारी बारिश से हाहाकार मचा हुआ है। मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। नदियां उफान पर हैं और सड़कें पानी में डूब चुकी हैं। राहत और बचाव दल लगातार लोगों की जान बचाने में लगे हैं।

क्या बारिश ने थाम दी गुजरात की रफ्तार?

गुजरात के दक्षिण हिस्से में बीते कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। सबसे ज्यादा खराब हालात वलसाड और नवसारी जिलों में बने हुए हैं। इसके अलावा सूरत, अहमदाबाद, खेड़ा, तापी और डांग में भी भारी बारिश हुई है। वलसाड जिले का उमरगाम तालुका बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहां बुधवार सुबह छह बजे से गुरुवार शाम छह बजे तक यानी 36 घंटों में रिकॉर्ड 1,200 मिमी बारिश दर्ज की गई। नवसारी जिले के चिखली में 800 मिमी और खेरगाम में 650 मिमी पानी बरसा। घर, गाड़ियां सब डूब चुके हैं। 

अहमदाबाद और खेड़ा में भी गुरुवार को जोरदार बारिश हुई। अहमदाबाद के धोलेरा में महज 12 घंटे में 339 मिमी बारिश हुई। वहीं अहमदाबाद शहर में 225 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। इससे कई सोसायटियों में पानी भर गया और लोग घंटों जाम में फंसे रहे। तापी और डांग के 23 तालुकों में 12 घंटे के भीतर 200 मिमी से अधिक बारिश हुई।

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राहत और बचाव कार्य की सात बड़ी बातें


  • 22 हजार से ज्यादा लोग शिफ्ट: वलसाड जिले से 12,000 और नवसारी से 10,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है।

  • फौज और NDRF की तैनाती: बचाव कार्य के लिए सेना की दो टुकड़ियां वलसाड और नवसारी में लगाई गई हैं। NDRF और SDRF की कई टीमें मौके पर काम कर रही हैं।

  • एयरलिफ्ट कर बुलाई टीमें: राहत काम को तेज करने के लिए ओडिशा से NDRF की चार अतिरिक्त टीमों को एयरलिफ्ट करके मंगवाया गया है।

  • 1,200 से अधिक सड़कें बंद: पानी भरने से चार राष्ट्रीय राजमार्ग, तीन राज्य राजमार्ग और कई पंचायत सड़कें बंद हो गई हैं।

  • ट्रेन सेवाएं प्रभावित: रेल पटरियों पर पानी भरने से मुंबई जाने वाली कई ट्रेनें रद्द की गईं या उनका रूट छोटा किया गया। यात्रियों की सुविधा के लिए वेस्टर्न रेलवे ने हेल्प डेस्क शुरू की है।

  • कई इलाके अंधेरे में डूबे: जलभराव की वजह से 35 से ज्यादा बिजली सब-स्टेशन ठप हो गए हैं। इससे कई क्षेत्रों में बिजली गुल है।

  • स्कूल-कॉलेज रहेंगे बंद: मौसम के खतरे को देखते हुए प्रभावित जिलों में शुक्रवार को सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला किया गया है।

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केंद्र से मदद की गारंटी और मौसम का अलर्ट?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बात की है। उन्होंने राज्य के हालात की जानकारी ली और हर संभव मदद का भरोसा दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री से बात कर जरूरी सहायता देने की बात कही है। सूरत में भी 2,200 लोगों को शेल्टर होम में शिफ्ट किया गया है।

मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। भरूच, सूरत, नवसारी, वलसाड, डांग, नर्मदा, वडोदरा, छोटा उदयपुर, पंचमहल और दाहोद में ‘रेड अलर्ट’ घोषित है। वहीं अहमदाबाद, गांधीनगर, साबरकांठा, आनंद और खेड़ा में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। आंकड़ों के मुताबिक, दक्षिण गुजरात में अब तक सीजन की 62 प्रतिशत से ज्यादा बारिश हो चुकी है।

सूरत में बारिश से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बंद

गुजरात के सूरत में भारी बारिश के कारण अंबिका नदी उफान पर आ गई है। नदी का पानी पुल के खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। सुरक्षा के लिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (नेशनल एक्सप्रेसवे 4) पर ईएनए (पलसाना) और खरेल (नवसारी) के बीच वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। प्रशासन स्थिति पर नज़र रखे हुए है। पानी का स्तर कम होते ही यातायात फिर से शुरू कर दिया जाएगा।

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