चित्रकूट में दो मंजिला मकानों की छत तक पहुंचा पानी:  650 लोगों का रेस्क्यू, 20 घंटे ब्लैकआउट, 400 दुकानें तबाह; सेना के हेलीकॉप्टर पहुंचे – Satna News

चित्रकूट में दो मंजिला मकानों की छत तक पहुंचा पानी: 650 लोगों का रेस्क्यू, 20 घंटे ब्लैकआउट, 400 दुकानें तबाह; सेना के हेलीकॉप्टर पहुंचे – Satna News

14 घंटे तक हुई लगातार बारिश ने शनिवार को सतना के चित्रकूट की तस्वीर बदल दी। धार्मिक नगरी में मंदाकिनी ने रौद्र रूप दिखाया और नदी का पानी घाटों से निकलकर बस्तियों, बाजारों और घरों तक पहुंच गया। कई इलाकों में दो मंजिला मकान तक पानी में डूब गए। चारों तर

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सबसे ज्यादा मार रामघाट, राघव प्रयाग घाट, कामता, नयागांव, आरोग्यधाम, पुरानी लंका चौराहा, बाजार क्षेत्र, खटकाना मोहल्ला, क्योतरा, रामायणी कुटी और जानकीकुंड में दिखाई दी। मंदाकिनी का पानी घरों में घुसा तो लोग जरूरी सामान लेकर छतों पर पहुंच गए।

कई परिवारों के सामने बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित रखने की चुनौती थी। नीचे घरों में पानी बढ़ता रहा और ऊपर छतों पर बैठे परिवार मदद की राह देखते रहे। कहीं सड़क पर नाव चलती नजर आई तो कहीं लोग अपने घरों और होटलों की छतों पर बैठकर मदद का इंतजार करते रहे।

लगभग 42 साल पुराना, 25 फीट ऊंचा और 300 मीटर चौड़ा नदी का बड़ा पुल भी तेज बहाव में बह गया। आज सीएम डॉक्टर यादव हालातों का जायजा लेने पहुंचने वाले हैं।

देखिए तीन तस्वीरें…

चित्रकूट में दो मंजिला मकानों की छत तक पहुंचा पानी:  650 लोगों का रेस्क्यू, 20 घंटे ब्लैकआउट, 400 दुकानें तबाह; सेना के हेलीकॉप्टर पहुंचे – Satna News

सेना के दो हेलीकॉप्टर की मदद से रेस्क्यू का काम रविवार को भी जारी है।

करीब 650 लोगों को रेस्क्यू कर राहत शिविरों में पहुंचाया जा चुका है।

करीब 650 लोगों को रेस्क्यू कर राहत शिविरों में पहुंचाया जा चुका है।

चित्रकूट के प्रमुख तीर्थस्थल सती अनसूया, गुप्तगोदावरी भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

चित्रकूट के प्रमुख तीर्थस्थल सती अनसूया, गुप्तगोदावरी भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

घर डूबे तो गृहस्थी भी बह गई देर शाम बाढ़ का पानी उतरने के बाद तबाही का असली मंजर सामने आएगा। घरों में रखा राशन, कपड़े, बिस्तर, फर्नीचर और घरेलू सामान पानी में खराब हो गया।

कई परिवारों के लिए यह सिर्फ जलभराव नहीं, बल्कि उनकी वर्षों की मेहनत के उजड़ जाने जैसा है। जिन घरों में कुछ घंटे पहले तक खाना पक रहा था, वहां पानी भरा था। जिन दुकानों में रोज श्रद्धालुओं की भीड़ रहती थी, वहां सामान पानी में डूबा था। मंदाकिनी तट की करीब 400 दुकानें बाढ़ की चपेट में आ गईं।

रात भर से रेस्क्यू का काम राहत बचाव दल कर रहे हैं।

रात भर से रेस्क्यू का काम राहत बचाव दल कर रहे हैं।

छतों पर फंसे लोगों तक पहुंचा हेलीकॉप्टर हालात बिगड़ने पर बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। सेना के दो हेलीकॉप्टर रेस्क्यू में लगाए गए। घरों और होटलों की छतों पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की गई। वहीं SDRF की टीम ने मोटरबोट के जरिए बाढ़ के पानी के बीच पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।

देर रात तक करीब 650 लोगों को रेस्क्यू कर राहत शिविरों में पहुंचाया गया। जिन लोगों ने रात छतों पर डर के बीच गुजारी, उनके लिए मोटरबोट और हेलीकॉप्टर किसी उम्मीद से कम नहीं थे।

20 घंटे अंधेरे में डूबा रहा पूरा इलाका बाढ़ के बीच बिजली व्यवस्था भी ठप हो गई। पूरे क्षेत्र में करीब 20 घंटे तक ब्लैकआउट रहा। चारों तरफ पानी और ऊपर से घना अंधेरा। ऐसे में छतों पर फंसे परिवारों के लिए हर गुजरता घंटा भारी पड़ता रहा।

चित्रकूट के प्रमुख तीर्थस्थल सती अनसूया, गुप्तगोदावरी और स्फटिक शिला भी बाढ़ से प्रभावित हुए। आश्रमों, मठों और मंदिरों में रखा सामान तेज बहाव में बहता नजर आया। जिस चित्रकूट में श्रद्धालु आस्था लेकर आते हैं, वहां इस बार पानी ने मंदिरों और आश्रमों की चौखट तक को अपनी चपेट में ले लिया।

सड़क पर भरे पानी में नावों के जरिए भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

सड़क पर भरे पानी में नावों के जरिए भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

सतना से चित्रकूट पहुंचना भी हुआ मुश्किल जिले के नदी-नाले उफान पर होने से सतना-चित्रकूट मार्ग देर रात तक बाधित रहा। दोपहर जिला मुख्यालय से CEO जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह और अपर कलेक्टर विकास सिंह भी सीधे चित्रकूट नहीं पहुंच सके। उन्हें कालिंजर होकर चित्रकूट पहुंचना पड़ा।

चित्रकूट में अब पानी उतरने का इंतजार है। लेकिन पानी उतरने के बाद भी सवाल यही रहेगा कि जिन घरों की गृहस्थी बह गई, जिन दुकानों का सामान बर्बाद हो गया और जिन परिवारों ने रात छत पर बैठकर गुजारी, उनकी जिंदगी फिर पटरी पर कब लौटेगी?

मंदाकिनी शांत हो जाएगी, घाटों पर फिर आरती होगी, श्रद्धालु भी लौटेंगे… लेकिन इस बाढ़ ने चित्रकूट के हजारों परिवारों के दिल में जो डर और दर्द छोड़ा है, उसकी लहरें लंबे समय तक नहीं थम पाएंगी।

बाढ़ के कारण दो मंजिला इमारत जितना पानी भरा हुआ है।

बाढ़ के कारण दो मंजिला इमारत जितना पानी भरा हुआ है।

बाढ़ में प्रभावित लोगों की आपबीती

जायजा लेने पहुंचेंगे सीएम यादव प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे। यहां सर्किट हाउस में उन्होंने रीवा और सतना जिले में बाढ़ और जलभराव की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री आज (रविवार) चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेंगे।

सीएम ने निर्देश दिए कि लोगों को ज्यादा से ज्यादा हरसंभव मदद मिले यह ध्यान में रखा जाए।

सीएम ने निर्देश दिए कि लोगों को ज्यादा से ज्यादा हरसंभव मदद मिले यह ध्यान में रखा जाए।

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सतना में सेमरावल नदी उफनी

सतना के बिरसिंहपुर, कोटर और कोठी क्षेत्र में सेमरावल नदी उफान पर है। कई गांवों में पानी तेजी से बढ़ने के कारण लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं, जबकि कई परिवार दो मंजिला मकानों की छतों पर फंसे हुए हैं।

इसी बीच, रैगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बम्हरौला बड़ी पतारी टोला में सेमरावल नदी के उफान के बीच घर में फंसे 42 वर्षीय रामजी मिश्रा को देर रात सुरक्षित बाहर निकाला गया। पूरी खबर पढ़िए…

चित्रकूट में बाढ़ की 25 तस्वीरें

सतना-चित्रकूट में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं। मंदाकिनी उफान पर है। रामघाट-भरतघाट डूब गए हैं और करीब 400 दुकानें पानी में हैं।

कई सड़कों पर नाव चल रही है। घरों-होटलों में फंसे लोगों को निकालने के लिए SDRF की टीमें जुटी हैं। थाना परिसर और पेट्रोल पंप जलमग्न हैं। पूरी खबर पढ़िए…

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