देश के छोटे और मध्यम कारोबारों पर साइबर हमले के मामले तेजी से बढ़े हैं। साइबर सुरक्षा कंपनी कैस्परस्की के मुताबिक, जनवरी से जून 2026 के बीच ऐसे 4.52 लाख मामले दर्ज किए गए। यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 52 फीसदी ज्यादा है। ऐसे हमलों को बैकडोर कहा जाता है। इसके जरिये अरपराधी कारोबार की जानकारी चुराने, जरूरी फाइलों तक पहुंचने या कंप्यूटर में नुकसान पहुंचाने वाले प्रोग्राम डालने की कोशिश करते हैं।
कैस्परस्की के मुताबिक, जनवरी से जून 2026 के बीच भारत के छोटे और मध्यम कारोबारों के कंप्यूटरों पर 37.38 लाख बार साइबर हमले की कोशिश हुई यानी औसतन हर दिन करीब 20,650 कोशिशें।
कंप्यूटर को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें
कंप्यूटर को रिमोट से ऑपरेट करने की सुविधा बंद रखें। इसका इस्तेमाल जरूरी हो तो उसे सीधे इंटरनेट से न जोड़ें और अतिरिक्त पहचान जांच की व्यवस्था रखें। कंप्यूटर और दूसरे सॉफ्टवेयर को समय पर अपडेट करें।
डाटा चोरी से कारोबार ठप होने का खतरा
18 देशों में किए गए सर्वे में 86% कारोबार संचालकों ने बताया कि उन्हें पिछले एक साल में कम से कम एक साइबर हमले का सामना करना पड़ा। 22% कारोबारों को आर्थिक नुकसान हुआ। करीब हर पांच में से एक ने ग्राहकों की जानकारी चोरी होने या वेबसाइट और ऑनलाइन स्टोर बंद होने की बात कही। 16% कंपनियों ने बताया कि उनका कुछ डाटा हमेशा के लिए खो गया, जबकि 13% को कंपनी की संपत्तियों को ऐसा नुकसान हुआ, जिसकी भरपाई नहीं हो सकी।