
गिरवरसिंह के अनुसार, हमारे अधिकारी काफी सीनियर थे, लेकिन तब भी हम हक पर थे, जिसके चलते हम अपनी बात पर अड़िग रहे, लेकिन ये बात उन्हें इतनी नागवार गुजरी कि, उन्होंने हमें न सिर्फ निलंबित कराया, विभागीय जांच बैठाकर 21 अक्टूबर 1999 को सीआरपीएफ से बर्खास्त ही करा दिया। कुछ समय तो मन काफी अशांत रहा, जिसके चलते काफी दिन के लिए खुद को घर में बंद कर लिया। लेकिन, घर का भरण पोषण भी हमारे ही कांधो पर था, जिसके चलते आगे चलकर परिवार पर आजीविका का संकट आ गया। कुछ समय गांव से बाहर जाकर मजदूरी भी की, लेकिन देश सेवा का मौका छूट जाने के कारण मन की अशांति बढ़ती गई।
Source link
#ज #वरद #अफसर #न #उतरव #द #थ #उस #सल #सघरष #कर #दबर #पहन #मरन #म #सत #बन #हवलदर #क #अनख #सघरषगथ #Crpf #Havaldar #Girvar #Singh #Tomar #Return #Uniform #Year #Legal #Battle

