![]()
टीकमगढ़ में पेयजल व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठ गए हैं। शहर के नलों में गंदा पानी आने की शिकायतें मिली हैं। गुरुवार को वार्ड नंबर 6 की कांग्रेस पार्षद पूनम जायसवाल ने पानी की टंकी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पार्षद ने बताया कि पानी की टंकी की सीढ़ियां पिछले दो सालों से टूटी पड़ी हैं। इस कारण टंकी की नियमित साफ-सफाई नहीं हो पा रही है, जिससे पानी दूषित हो रहा है। ताल दरवाजा निवासी डॉ. अशोक पस्तोर ने शिकायत की है कि उनके घर में सप्लाई हो रहे पीने के पानी में कई बार पक्षियों के पंख निकले हैं। उन्होंने यह भी बताया कि लगभग 15 दिन पहले भी ऐसी ही शिकायत सामने आई थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पार्षद रजनी पूनम जायसवाल हनुमान चालीसा मंदिर के पास स्थित पेयजल टंकी पहुंचीं। वहां मौजूद कर्मचारी ने पुष्टि की कि टंकी की सीढ़ियां दो वर्षों से टूटी हैं, कई वर्षों से सफाई नहीं हुई है और ढक्कन पर सुरक्षा जाल भी नहीं लगा है। इससे पक्षियों के टंकी में गिरने और पानी दूषित होने की आशंका बढ़ गई है। पार्षद ने बताया कि इसी टंकी से पुरानी टेरी और ताल दरवाजा क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति होती है। उन्होंने इसे जनता के स्वास्थ्य के साथ गंभीर लापरवाही करार दिया। पार्षद के अनुसार, दूषित पानी से टाइफाइड, पीलिया और किडनी सहित कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। पार्षद रजनी पूनम जायसवाल ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी और प्रभारी अध्यक्ष से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने टंकी की सफाई, टूटी सीढ़ियों की मरम्मत, सुरक्षा जाल लगाने और पूरे शहर को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Source link
#टकमगढ #म #नल #स #गद #पन #क #सपलई #परषद #न #कय #नरकषण #सल #स #टट #टक #क #सढय #Tikamgarh #News


