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डिंडौरी जिले की शहपुरा तहसील के करौंदी गांव के इंजीनियर शिवम साहू ने अपनी नौकरी छोड़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में काम शुरू किया है। उन्होंने अपने घर को एक अत्याधुनिक लैब में बदलकर एक ह्यूमनॉइड रोबोट तैयार किया है। यह रोबोट हिंदी और अंग्रेजी सहित कई भाषाओं को समझने और कमांड पर प्रतिक्रिया देने में सक्षम है। निजी कॉलेज से इंजीनियरिंग की डिग्री की हासिल शिवम साहू ने एक निजी कॉलेज से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है। उनका मानना है कि गांव में रहकर भी वे अपने गांव और देश का नाम रोशन कर सकते हैं। उनका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से ऐसे रोबोट बनाना है जो लोगों की सहायता कर सकें। घर पर ही बनाया लैब, सीमित संसाधनों से बनाया रोबोट उन्होंने अपने घर से ही यह काम शुरू किया और एक लैब तैयार की। सीमित संसाधनों के बावजूद, उन्होंने इस रोबोट को विकसित किया है। उनके पिता टेकेश्वर साहू पेशे से किसान हैं, जिसके कारण वित्तीय संसाधन सीमित थे। शिवम ने रोबोट के लिए कुछ सामान ऑनलाइन मंगवाया और कुछ कबाड़ का भी उपयोग किया। इस रोबोट को बनाने में लगभग एक लाख रुपये की लागत आई है। संस्थागत या शासकीय सहयोग की मांग इंजीनियर शिवम साहू का कहना है कि यदि उन्हें संस्थागत या शासकीय सहयोग और उचित मार्गदर्शन मिले, तो वे और भी बेहतर रोबोट तैयार कर सकते हैं, जैसा कि विदेशों में हो रहा है। उनका मानना है कि ऐसे रोबोट का उपयोग शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में किया जा सकता है।
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