![]()
कोलकाता में शनिवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने मंच पर मशहूर बंगाली कवि जॉय गोस्वामी को बुलाया। इस घटना के कारण तसलीमा का भाषण कुछ देर के लिए बाधित हो गया। यह कार्यक्रम तसलीमा की करीब दो दशक बाद कोलकाता वापसी पर आयोजित किया गया था। जॉय गोस्वामी की पूर्व CM ममता बनर्जी के साथ नजदीकी दर्शकों के गुस्से का कारण बनी। मंच पर बुलाते ही शुरू हुआ विरोध जैसे ही तसलीमा ने अपना भाषण शुरू करने के लिए मंच संभाला, उन्होंने दर्शकों के बीच बैठे जॉय गोस्वामी को मंच पर आने का आग्रह किया। जैसे ही साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता कवि जॉय गोस्वामी अपनी सीट से उठकर मंच की ओर बढ़े, दर्शकों के एक वर्ग ने जोर-जोर से विरोध और नारेबाजी शुरू कर दी। इस विरोध के चलते जॉय गोस्वामी को वापस अपनी सीट पर बैठना पड़ा। हंगामे के कारण तसलीमा कुछ देर तक चुपचाप माइक के पास खड़ी रहीं। आयोजकों ने दर्शकों से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन शोर काफी देर तक जारी रहा। अंत में तसलीमा ने खुद दर्शकों से कहा, “क्या मैं बोलूं? तो कृपया शांत हो जाएं और अपनी सीटों पर बैठ जाएं।” उनकी इस अपील के बाद स्थिति सामान्य हुई और उन्होंने अपना भाषण जारी रखा। गोस्वामी की चुप्पी और ममता से नजदीकी बनी वजह यह विरोध जॉय गोस्वामी की उस कथित चुप्पी को लेकर था, जो तसलीमा के निर्वासन के वर्षों के दौरान रही। इसके अलावा, पूर्व CM ममता बनर्जी के साथ उनकी नजदीकी भी दर्शकों के गुस्से का कारण बनी। हालांकि, जॉय गोस्वामी पहले ही सार्वजनिक रूप से तसलीमा के लंबे निर्वासन पर खेद जता चुके हैं। उन्होंने 2007 में तसलीमा के कोलकाता छोड़ने के दौरान पर्याप्त समर्थन न कर पाने के लिए खुद को दोषी भी माना था। तसलीमा बोलीं-अन्याय लंबा हो सकता है, लेकिन स्थायी नहीं यह कार्यक्रम पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा राज्य सचिवालय परिसर में तसलीमा को नागरिक सम्मान दिए जाने के कुछ घंटे बाद आयोजित हुआ था। यह 19 साल बाद तसलीमा की कोलकाता में पहली यात्रा है। तसलीमा ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी वापसी यह साबित करती है कि अन्याय लंबा हो सकता है, लेकिन स्थायी नहीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक दिन किसी भी लेखक को अभिव्यक्ति की आजादी के लिए निर्वासन में नहीं जाना पड़ेगा। तसलीमा नवंबर 2007 में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद कोलकाता से चली गई थीं। सुभेंदु ने कहा, तसलीमा की वापसी अभिव्यक्ति की आजादी की बहाली इसके पहले पश्चिम बंगाल के CM सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन को भरोसा दिलाया कि जब भी वह राज्य का दौरा करेंगी, उन्हें पूरी सुरक्षा दी जाएगी। कोलकाता के रवींद्र सदन में कट्टरपंथ-विरोधी विषय पर आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम में CM ने कहा कि राज्य एक ऐसे दौर में प्रवेश कर चुका है जहां अभिव्यक्ति की आजादी और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जाएगी। सिर्फ एक बार नहीं, जब भी आपकी इच्छा हो, आप जितनी बार चाहें पश्चिम बंगाल आ सकती हैं। आपको पूरी सुरक्षा मिलेगी। CM ने नसरीन को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की एक तस्वीर भेंट की और बताया कि यह साल ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ का साल है।
Source link
#तसलम #नसरन #क #करयकरम #म #हगमकव #जय #गसवम #क #मच #पर #बलन #पर #भडक #लग #भषण #कछ #दर #क #लए #रक


