तीन लाख में नाबालिग की सौदेबाजी कर फर्जी शादी कराने वाले चार आरोपित गिरफ्तार

तीन लाख में नाबालिग की सौदेबाजी कर फर्जी शादी कराने वाले चार आरोपित गिरफ्तार

पीड़िता की आर्थिक स्थिति एवं पारिवारिक मजबूरी का लाभ उठाते हुए उसे शीघ्र पैसा कमाने एवं मकान खरीदने का लालच दिया। आरोपितों ने विश्वास दिलाया कि शादी क…और पढ़ें

Publish Date: Mon, 03 Aug 2026 07:20:48 PM (IST)Updated Date: Mon, 03 Aug 2026 07:25:41 PM (IST)

तीन लाख में नाबालिग की सौदेबाजी कर फर्जी शादी कराने वाले चार आरोपित गिरफ्तार
चार आरोपी गिरफ्तारफोटो सौजन्य पुलिस

HighLights

  1. गरीबी का फायदा उठाकर कराया
  2. पहचान पत्र में फर्जीवाड़ा
  3. और करवाई फर्जी शादी

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मानव तस्करी एवं फर्जी विवाह कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर मुख्य षड्यंत्रकर्ता सहित चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वहीं, गिरोह के अन्य सदस्यों की पुलिस तलाश कर रही है। नाबालिग युवती के अपहरण के प्रकरण की जांच के दौरान एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है।

सहायक पुलिस आयुक्त हीरानगर रूबीना मिजवानी के नेतृत्व में बाणगंगा पुलिस ने नाबालिग युवती के लापता होने की शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान बालिका को सुरक्षित प्राप्त किया। उसके बयान, दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों से एक सुनियोजित मानव तस्करी गिरोह का खुलासा हुआ।

जांच में सामने आया कि गिरोह के मुख्य षड्यंत्रकर्ता संजय उर्फ संजू यादव एवं रामविलास उर्फ राकेश यादव ने पीड़िता की आर्थिक स्थिति एवं पारिवारिक मजबूरी का लाभ उठाते हुए उसे शीघ्र पैसा कमाने एवं मकान खरीदने का लालच दिया। आरोपितों ने विश्वास दिलाया कि शादी के बाद लाखों रुपये कमाए जाएंगे और उसमें से उसे भी हिस्सा देंगे। इस सौदे में लगभग तीन लाख का लेन-देन किया।

साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपितों ने नाबालिग युवती के आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलकर बालिग दर्शाया। गिरोह के सदस्यों ने स्वयं को पीड़िता के माता, चाचा एवं अन्य रिश्तेदार बताकर विवाह की पूरी कहानी तैयार की। आरोपितों ने दूल्हे संजू पाटीदार एवं उसके पिता नंदराम पाटीदार, निवासी जिला रतलाम को भी पीड़िता की उम्र संबंधी झूठी जानकारी देकर विवाह कराया।

विवाह के बाद पीड़िता को वर पक्ष के घर भेज दिया। पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कराई गई और अपहरण की शिकायत पर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य षड्यंत्रकर्ता संजू उर्फ संजय यादव से पूछताछ शुरू की। पुलिस कार्रवाई में आरोपितों ने पीड़िता को वापस इंदौर भेज दिया। इंदौर पहुंचने पर पीड़िता ने अपनी मां को पूरी घटना बताई व थाना पहुंचकर पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया।

चार आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

संजू उर्फ संजय यादव निवासी मूसाखेड़ी (मुख्य षड्यंत्रकर्ता), रामविलास उर्फ राकेश यादव, निवासी वृंदावन कालोनी, संजू पाटीदार, निवासी बड़ावदा, जिला रतलाम (दूल्हा) और नंदराम पाटीदार, निवासी बड़ावदा, जिला रतलाम (दूल्हे का पिता) को गिरफ्तार किया। वहीं, गिरोह के अन्य सदस्य सोनू बंजारा (महिला), किशोर चौहान, कच्छूलाल गुर्जर, लालसिंह गुर्जर एवं बाबू दादा की पुलिस द्वारा तलाश की जा रही है। वहीं, प्रारंभिक जांच में गिरोह द्वारा अन्य नाबालिग युवतियों की भी फर्जी शादियां कराने की आशंका सामने आने पर जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। प्रारंभिक जांच से आशंका व्यक्त की जा रही है कि गिरोह पूर्व में भी कई नाबालिग बालिकाओं एवं युवतियों की फर्जी शादियां कराकर मानव तस्करी कर चुका है। पुलिस आरोपियों द्वारा अर्जित अवैध धनराशि, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, मानव तस्करी, नाबालिगों के शोषण एवं इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में गहन जांच कर रही है।

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