दिल्ली में दीपके का हल्लाबोल Live:गृह मंत्रालय का फरमान- सीजेपी के आंदोलनकारियों को रोकें, राज्यों में क्या? – Cjp Jantar Mantar Protest Live Updates Mha Alert Abhijeet Dipke Cockroach Janata Party Cec Gyanesh Kr Sir Row

दिल्ली में दीपके का हल्लाबोल Live:गृह मंत्रालय का फरमान- सीजेपी के आंदोलनकारियों को रोकें, राज्यों में क्या? – Cjp Jantar Mantar Protest Live Updates Mha Alert Abhijeet Dipke Cockroach Janata Party Cec Gyanesh Kr Sir Row

04:07 AM, 10-Oct-2026

दिल्ली में महिला सुरक्षाकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती, केंद्रीय बल भी तैनात

जंतर-मंतर पर आज (शनिवार) होने वाले सीजेपी के धरना-प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा का चक्रव्यूह तैयार किया गया है। तकरीबन पांच किमी के दायरे में किलेबंदी की गई है। दिल्ली पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों के जवानों शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, केंद्र की ओर से 221 कंपनियां मुहैया कराई गई हैं। इनकी तैनाती 8 से 12 अक्टूबर तक सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए की गई है। इनमें करीब 23 हजार जवान होने की बात कही गई है। महिला सुरक्षाकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की बात सामने आई है।

दिल्ली में दीपके का हल्लाबोल Live:गृह मंत्रालय का फरमान- सीजेपी के आंदोलनकारियों को रोकें, राज्यों में क्या? – Cjp Jantar Mantar Protest Live Updates Mha Alert Abhijeet Dipke Cockroach Janata Party Cec Gyanesh Kr Sir Row

03:50 AM, 10-Oct-2026

जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं: दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस ने सीजेपी को प्रदर्शन की मंजूरी नहीं दी है। संयुक्त पुलिस आयुक्त नूपुर प्रसाद ने कहा, हमें सौरव दास की ओर से आवेदन मिला है। यह बहुत कम समय पहले दिया गया, जबकि आवेदन 10 दिन पहले देना होता है। इस देरी और पिछले प्रदर्शन के दौरान नियमों का पालन न करने के कारण मंजूरी नहीं दी गई। उन्होंने कहा, नई दिल्ली में बीएनएसएस की धारा 163 (पुरानी 144 धारा) लागू है।  

ये भी पढ़ें- सीजेपी आंदोलन LIVE: कॉकरोच जनता पार्टी जंतर-मंतर पहुंचने पर अड़ी, दिल्ली पुलिस-केंद्रीय बल चौकस; चेकिंग जारी

03:35 AM, 10-Oct-2026

आज स्कूल-कॉलेज बंद, परीक्षाओं के कार्यक्रमों में बदलाव

यूपी व हरियाणा से लगने वाली दिल्ली की सभी सड़क सीमाओं पर भी बैरिकेडिंग कर दी गई है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पानीपत, गाजियाबाद व नोएडा की ओर से दिल्ली में प्रवेश की सभी सीमाओं पर पुलिस के जवान तैनात हैं। जंतर-मंतर के चार किमी के दायरे में शनिवार रात 10 बजे तक इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। परीक्षाओं के कार्यक्रमों में बदलाव किया गया है। प्रदर्शन से निपटने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 221 कंपनियां तैनात की गई हैं। इसके तहत 23 हजार से 26 हजार जवान जगह-जगह तैनात रहेंगे।

03:15 AM, 10-Oct-2026

250 ट्रेनें निरस्त, 45 मेट्रो स्टेशन बंद, 45 हजार जवानाें की तैनाती

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली की किलेबंदी कर दी गई है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली आने वाली 250 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है। शुक्रवार देर रात से ही रेल और सड़क मार्ग से दिल्ली में प्रवेश पूरी तरह नियंत्रित कर दिया गया है।

03:00 AM, 10-Oct-2026

सीजेपी के आंदोलन के बीच अन्ना का जिक्र, पूर्व कानून मंत्री मोइली क्या बोले?

पूर्व केंद्रीय मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने शुक्रवार को विरोध को लोकतंत्र की जीवनरेखा बताया। उन्होंने कहा कि सरकारों को प्रदर्शनकारियों से बातचीत करनी चाहिए, टकराव नहीं। मोइली ने 2011 में अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के तरीके को याद किया। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक संयुक्त समिति बनाने का सुझाव दिया था। मोइली इस समिति के संयोजक भी थे, जिसने जन लोकपाल विधेयक पर काम किया। उनके ये बयान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मतदाता सूची में नाम हटाने और विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच आए हैं। दिल्ली पुलिस ने 10 अक्तूबर को जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। आवेदन देर से जमा होने का हवाला दिया गया। राष्ट्रीय राजधानी में 25,000 पुलिसकर्मी तैनात हैं और 45 मेट्रो स्टेशनों पर प्रतिबंध हैं। मोइली 1992 से 1994 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री भी रहे हैं।

02:51 AM, 10-Oct-2026

अवैध काम हुआ है तो किसी को जिम्मेदारी लेनी ही होगी: आंदोलन से पहले पूर्व चुनाव आयुक्त लवासा

पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने शुक्रवार को कहा कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण पर चुनाव आयोग की आलोचना हो रही है। उन्होंने जोर दिया कि यदि कोई अवैध कार्य हुआ है, तो किसी को जिम्मेदारी लेनी होगी। लवासा ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने चुनाव आयुक्तों के चयन पैनल से भारत के मुख्य न्यायाधीश को हटाकर आत्मघाती गोल किया है। इससे पक्षपात के आरोप लग सकते हैं, जो नियुक्त होने वाले लोगों के लिए भी अनुचित है। चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों की मीडिया रिपोर्टों के बाद स्थिति और गंभीर हो गई। उन्होंने कहा कि अवैधताओं के आरोप एक गंभीर बात है। चुनाव आयोग फॉर्म 6 (नए मतदाता पंजीकरण के लिए उपयोग) बदलने के लिए अधिकृत नहीं था। साथ ही, यह निकाय नियमों में बदलाव करने के लिए भी सक्षम नहीं था।

02:30 AM, 10-Oct-2026

राज्यों को गृह मंत्रालय का निर्देश- CJP के प्रदर्शनकारियों को दिल्ली में रोकें

गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया है। केंद्रीय गृह सचिव ने सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों को जारी पत्र में कहा, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की खुफिया एजेंसियों, सीमा पारगमन प्राधिकरणों और दिल्ली पुलिस के बीच निरंतर और वास्तविक समय में खुफिया जानकारी साझा करें। केंद्र सरकार ने कहा, सीजेपी की ओर से प्रस्तुत विरोध प्रदर्शन के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया गया है। प्रस्तावित सभा को प्रतिबंधित कर दिया गया है। गृह सचिव ने 2018 में पारित उच्चतम न्यायालय के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा, क्षेत्र में सभाओं को नियंत्रित करने वाले स्थापित प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन अनिवार्य है।

02:21 AM, 10-Oct-2026

आंदोलन से पहले सांसद ने पीएम मोदी को पत्र लिखा, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर वाम दल क्या बोले?

सीपीआई सांसद पी संतोष कुमार ने 10 अक्तूबर के आंदोलन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने जंतर मंतर को प्रदर्शन के लिए खोलने, 40 से अधिक मेट्रो स्टेशन फिर से खोलने और आंदोलन कर रहे कार्यकर्ताओं को हिरासत में न लेने का निर्देश देने की मांग की। कुमार ने पत्र में केंद्र को ‘असंवेदनशील सरकार’ बताया। बैरिकेड्स और लाठियों के सहारे पाबंदियों का जिक्र करते हुए संतोष ने कहा, दिल्ली को सैन्य छावनी में बदलने से आंदोलनकारी डरने वाले नहीं हैं। सीपीआई(एमएल) लिबरेशन महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए कहा, मुख्य न्यायाधीश ने सरकार से साफ कहा है कि मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल न करे। ट्रेनें रद्द करने और मेट्रो सेवाएं बंद करने जैसे फैसलों से सरकार घिर गई है। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र को निर्देश दिया कि वह 10 अक्तूबर को दिल्ली के लिए मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर “पूर्ण प्रतिबंध” न लगाए। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां अनियंत्रित आवाजाही को प्रतिबंधित करने के लिए कदम उठा सकती हैं। लेकिन नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए। 

02:00 AM, 10-Oct-2026

सीजेपी के आंदोलन पर वाम दलों का रूख क्या?

वाम दलों ने शुक्रवार को 10 अक्तूबर को होने वाली लामबंदी से पहले लगाए गए प्रतिबंधों की कड़ी निंदा की। दिल्ली पुलिस से प्रदर्शनकारियों को जंतर मंतर पर इकट्ठा होने की अनुमति देने की मांग करते हुए वाम दलों- सीपीआई(एम), सीपीआई, सीपीआई(एमएल)-लिबरेशन, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (एआईएफबी) ने संयुक्त बयान जारी किया। वाम दलों के मुताबिक छात्रों को कई जगहों पर हिरासत में लिया गया है। छात्र संगठनों के कार्यालयों की भी निगरानी की जा रही है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब कॉकरोच जनता पार्टी शनिवार को जंतर मंतर पर एक बड़े प्रदर्शन की तैयारी कर रही है। प्रदर्शन की अनुमति न मिलने, व्यापक बैरिकेडिंग, निषेधाज्ञा, 45 मेट्रो स्टेशन बंद करने और दिल्ली आने वाली ट्रेनें रद्द करने का जिक्र करते हुए सीपीआई(एम) महासचिव एम ए बेबी ने कहा, सरकार आवाजाही को नियंत्रित कर सकती है। हालांकि, वह यातायात को पूरी तरह से नहीं रोक सकती, क्योंकि छात्रों, श्रमिकों और आम नागरिकों को भी यात्रा करने की जरूरत होती है।

01:45 AM, 10-Oct-2026

दीपके बोले- जंतर मंतर पर जुटें प्रदर्शनाकारी, हिरासत और NSA-यूएपीए से डरेंगे नहीं

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को लोगों से जंतर मंतर पर बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर है। दीपके ने कहा कि उन्हें हिरासत में लिया जाए या कड़े कानूनों जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) या गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत कार्रवाई हो, वह डरेंगे नहीं। उन्होंने देर रात एक वीडियो संदेश में कहा कि शनिवार का दिल्ली में विरोध प्रदर्शन नहीं रुकना चाहिए। दीपके ने देश में लोकतंत्र बचाने की बात कही। CJP स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहती है, जो ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को खत्म किए बिना संभव नहीं। उन्होंने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण और अहिंसक रखने का आग्रह किया। दीपके ने असामाजिक तत्वों से भी सावधान रहने को लेकर आगाह भी किया है। 

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