वैदिक ज्योतिष में राहु और केतु को छाया ग्रह माना जाता है। दोनों ग्रह लगभग डेढ़ साल में राशि परिवर्तन करते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इनकी चाल व्यक्ति के जीवन में अचानक बदलाव, महत्वाकांक्षा, भ्रम, दुविधा, आध्यात्मिक झुकाव और अलगाव जैसी स्थितियां पैदा कर सकती है। दिसंबर 2026 में राहु-केतु का राशि परिवर्तन होने जा रहा है। इस बदलाव का असर आर्थिक स्थिति, करियर, कारोबार, रिश्तों, मानसिक स्थिति और सोच-विचार सहित जीवन के कई क्षेत्रों पर देखने को मिल सकता है। हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव हर व्यक्ति की जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर अलग माना जाता है।

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5 दिसंबर को होगा राहु-केतु का गोचर
– फोटो : amar ujala
5 दिसंबर को होगा राहु-केतु का गोचर
ज्योतिषीय गणना के अनुसार 5 दिसंबर 2026 को राहु और केतु राशि परिवर्तन करेंगे। इस दौरान राहु कुंभ राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि केतु सिंह राशि से निकलकर कर्क राशि में जाएंगे। दोनों ग्रह करीब 18 महीने तक अपनी नई राशियों में रहने वाले हैं। इस अवधि को ज्योतिषीय दृष्टि से लंबा और महत्वपूर्ण गोचर माना जा रहा है। राहु और केतु की यह स्थिति लगभग 24 जून 2028 तक रहने की बात कही गई है।

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राहु के गोचर के दौरान करियर और पेशेवर जीवन से जुड़े विषय विशेष रूप से सक्रिय हो सकते हैं।
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राहु का गोचर क्या बदलाव ला सकता है?
- राहु को ज्योतिष में महत्वाकांक्षा, भौतिक इच्छाओं, अचानक घटनाओं और नई संभावनाओं से जोड़ा जाता है।
- मकर राशि में राहु के गोचर के दौरान करियर और पेशेवर जीवन से जुड़े विषय विशेष रूप से सक्रिय हो सकते हैं।
- इस दौरान कुछ लोगों में अपने करियर को तेजी से आगे बढ़ाने की इच्छा बढ़ सकती है।
- नौकरी में बदलाव, नई जिम्मेदारी, कारोबार के विस्तार या किसी नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने के अवसर मिल सकते हैं।
- राहु विदेशी संपर्क, तकनीक और नए तरीके से काम करने की प्रवृत्ति को भी बढ़ाने वाला माना जाता है।
- ऐसे में ऑनलाइन काम, डिजिटल क्षेत्र या विदेश से जुड़े अवसरों में रुचि बढ़ सकती है।
- राहु के प्रभाव में भ्रम और जल्दबाजी की स्थिति भी बन सकती है।
- करियर या आर्थिक मामलों में बिना पूरी जानकारी के फैसला लेने से बचना उचित रहेगा।

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आर्थिक स्थिति पर राहु का प्रभाव
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आर्थिक स्थिति पर राहु का प्रभाव
- राहु को अचानक लाभ और अप्रत्याशित आर्थिक घटनाओं से भी जोड़ा जाता है।
- गोचर के दौरान आय के नए साधन तलाशने की इच्छा बढ़ सकती है और कुछ लोगों को अतिरिक्त कमाई के अवसर मिल सकते हैं।
- दूसरी ओर, जल्दी पैसा कमाने की चाहत जोखिम भरे फैसलों की ओर भी ले जा सकती है।
- निवेश, प्रॉपर्टी या बड़े वित्तीय सौदों में सावधानी बरतना जरूरी माना जाएगा।

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केतु को वैराग्य, आध्यात्मिकता, आत्मचिंतन और अलगाव का कारक माना जाता है।
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केतु का गोचर क्या असर डाल सकता है?
- केतु को वैराग्य, आध्यात्मिकता, आत्मचिंतन और अलगाव का कारक माना जाता है।
- कर्क राशि में केतु का गोचर परिवार, भावनात्मक जुड़ाव और घरेलू जीवन से संबंधित विषयों पर प्रभाव डाल सकता है।
- व्यक्ति अपनी प्राथमिकताओं को लेकर अधिक गंभीर हो सकता है।
- कुछ लोग पुराने मामलों या रिश्तों से दूरी बनाकर अपनी मानसिक शांति पर ध्यान देना पसंद कर सकते हैं।
- केतु के प्रभाव से धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ने की भी ज्योतिषीय मान्यता है।
- ध्यान, योग, पूजा-पाठ और आत्ममंथन की ओर झुकाव बढ़ सकता है।
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