देश में हर 6वां बाल अपहरण MP से, पांच साल में 64% उछाल; गृह मंत्रालय के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

देश में हर 6वां बाल अपहरण MP से, पांच साल में 64% उछाल; गृह मंत्रालय के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

मध्य प्रदेश में 2024 के दौरान 11,594 बाल अपहरण मामले दर्ज हुए, जो देश में दूसरे सबसे अधिक हैं। हालांकि, अधिकांश बच्चों की बरामदगी से खोज और बचाव तंत्र…और पढ़ें

Publish Date: Wed, 05 Aug 2026 07:13:00 PM (IST)Updated Date: Wed, 05 Aug 2026 07:13:00 PM (IST)

देश में हर 6वां बाल अपहरण MP से, पांच साल में 64% उछाल; गृह मंत्रालय के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
बाल अपहरण के मामलों में मध्य प्रदेश की स्थिति गंभीर। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर पहुंचा।
  2. पांच वर्षों में 64 प्रतिशत बढ़ोतरी।
  3. 2024 में 11,594 मामले दर्ज।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। बाल अपहरण के मामलों में मध्य प्रदेश की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। लोकसभा में गृह मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में वर्ष 2024 के दौरान 11,594 बाल अपहरण एवं व्यपहरण के मामले दर्ज हुए।

मध्य प्रदेश में बड़ी तादाद में हो रहा बाल अपहरण

  • यह देश में महाराष्ट्र (12,950) के बाद दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। वर्ष 2020 में प्रदेश में ऐसे 7,058 मामले दर्ज हुए थे। यानी पांच वर्षों में बाल अपहरण के मामलों में करीब 64 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। देशभर में वर्ष 2024 में बच्चों के अपहरण के 75,108 मामले दर्ज किए गए।

  • इनमें अकेले मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से अधिक है। यानी देश में दर्ज होने वाले लगभग हर छह मामलों में एक मामला मध्य प्रदेश से जुड़ा है। मध्य प्रदेश के बाद उत्तर प्रदेश (8,350), ओडिशा (6,814), बंगाल (5,661) और राजस्थान (5,414) का स्थान है।
  • राहत भी, बरामदगी में सुधार

    • रिपोर्ट का दूसरा पक्ष राहत देने वाला है। वर्ष 2024 में मध्य प्रदेश में 11,669 बाल पीड़ित दर्ज किए गए, जबकि 11,652 बच्चों को जीवित बरामद किया गया। रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि बरामदगी के आंकड़ों में पिछले वर्षों में अपहृत होकर बाद में मिले बच्चे भी शामिल हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि बच्चों की तलाश और बचाव के तंत्र पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हुए हैं।
  • रिपोर्ट के अनुसार यह आंकड़ा केवल वर्ष 2024 में मिले बच्चों का नहीं है, बल्कि पिछले वर्षों में अपहृत होकर बाद में बरामद हुए बच्चों को भी इसमें शामिल किया गया है।
  • पांच साल का रिपोर्ट कार्ड

    naidunia_image

    देश में सर्वाधिक मामलों वाले पांच राज्य

    • महाराष्ट्र – 12,950
    • मध्य प्रदेश – 11,594
    • उत्तर प्रदेश – 8,350
    • ओडिशा – 6,814
    • बंगाल – 5,661

    (स्रोतः केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट)

    • बच्चों की तलाश में तकनीक बनी सहारा
    • ट्रैक चाइल्ड पोर्टल को मिशन वात्सल्य से जोड़ा गया।
    • खोया-पाया माड्यूल के जरिये आम नागरिक भी सूचना दे सकते हैं।
    • 24×7 चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम -112 से एकीकृत।
    • रेलवे में आपरेशन एएएचटी और नन्हे फरिश्ते अभियान।
    • राज्यों में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को मजबूत किया गया।

    अपहरण के हालिया मामले

    • इंदौर: बाणगंगा पुलिस ने ऐसे गिरोह का राजफाश किया, जो नाबालिग लड़कियों का अपहरण कर उन्हें बालिग बताकर जबरन शादी कराता और लाखों रुपये की ठगी करता था।
    • ग्वालियर: बुंदेलखंड एक्सप्रेस से अगवा 18 माह की बच्ची को जीआरपी ने बुधवार को 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    यह भी पढ़ें- बुंदेलखंड एक्सप्रेस से किडनैप 18 महीने की बच्ची 24 घंटे में बरामद, आरोपी ग्वालियर के गांधीनगर से गिरफ्तार

    Source link
    #दश #म #हर #6व #बल #अपहरण #स #पच #सल #म #उछल #गह #मतरलय #क #आकड #न #बढई #चत

    Comments

    No comments yet. Why don’t you start the discussion?

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *