पिंकी मीणा को 11 अगस्त को प्रशासनिक सुधार विभाग, सवाई माधोपुर के सहायक निदेशक पद से हटाकर सहायक कलेक्टर दौसा लगाया गया था। तबादला आदेश के बाद उन्हें दौसा में कार्यभार संभालना था, लेकिन जॉइनिंग से पहले ही नया आदेश जारी हो गया।

पिंकी मीणा को 11 अगस्त को प्रशासनिक सुधार विभाग, सवाई माधोपुर के सहायक निदेशक पद से हटाकर सहायक कलेक्टर दौसा लगाया गया था। तबादला आदेश के बाद उन्हें दौसा में कार्यभार संभालना था, लेकिन जॉइनिंग से पहले ही नया आदेश जारी हो गया।
चर्चित RAS अधिकारी पिंकी मीणा को दौसा सहायक कलेक्टर के पद पर जॉइन करने से पहले ही APO कर दिया गया। कार्मिक विभाग ने गुरुवार को आदेश जारी कर उन्हें प्रशासनिक कारणों से आगामी पदस्थापन आदेशों तक प्रतीक्षा में रखा है। खास बात यह है कि तीन दिन पहले ही उनका तबादला दौसा सहायक कलेक्टर के पद पर किया गया था।
पिंकी मीणा 2017 बैच की RAS अधिकारी हैं। उनका नाम साल 2021 में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़े चर्चित घूसकांड के बाद सामने आया था। उस समय वे दौसा जिले के बांदीकुई में SDO के पद पर तैनात थीं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने उन्हें एक अन्य RAS अधिकारी पुष्कर मित्तल के साथ गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के बाद राज्य सरकार ने दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया था।
11 अगस्त को हुआ था दौसा ट्रांसफर
पिंकी मीणा को 11 अगस्त को प्रशासनिक सुधार विभाग, सवाई माधोपुर के सहायक निदेशक पद से हटाकर सहायक कलेक्टर दौसा लगाया गया था। तबादला आदेश के बाद उन्हें दौसा में कार्यभार संभालना था, लेकिन जॉइनिंग से पहले ही नया आदेश जारी हो गया।
गुरुवार को कार्मिक विभाग ने उन्हें APO कर दिया। आदेश में कार्रवाई के पीछे सिर्फ प्रशासनिक कारण बताए गए हैं। हालांकि, सरकार ने APO करने की कोई विस्तृत वजह नहीं बताई है।
घूसकांड के बाद साढ़े पांच साल तक रहीं निलंबित
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे घूसकांड में गिरफ्तारी के बाद पिंकी मीणा लंबे समय तक निलंबित रहीं। वे 15 जनवरी 2021 से 25 मई 2026 तक करीब साढ़े पांच साल सस्पेंड रहीं। इसके बाद सरकार ने उन्हें बहाल किया।
बहाली के करीब एक महीने बाद 26 जून 2026 को उन्हें प्रशासनिक सुधार विभाग में सवाई माधोपुर के सहायक निदेशक पद पर पोस्टिंग दी गई। इस पद पर करीब डेढ़ महीने काम करने के बाद 11 अगस्त को उनका दौसा तबादला कर दिया गया।
अब दौसा में नई पोस्टिंग के महज तीन दिन बाद ही उन्हें APO किए जाने से प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
दौसा में पोस्टिंग को लेकर पहले भी उठे थे सवाल
पिंकी मीणा को दौसा में पोस्टिंग दिए जाने के बाद से ही यह फैसला चर्चा में था। इसकी एक बड़ी वजह यह थी कि 2021 में जिस दौसा जिले में वे बांदीकुई SDO के पद पर रहते हुए घूसकांड में गिरफ्तार हुई थीं, उसी जिले में उन्हें फिर अहम प्रशासनिक जिम्मेदारी दी गई थी।
हालांकि, सरकार ने उस समय उनके तबादले को लेकर कोई अलग कारण नहीं बताया था। अब तीन दिन बाद ही APO किए जाने के बाद उनके दौसा ट्रांसफर को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
प्रशासनिक कारण बताकर किया APO
कार्मिक विभाग के ताजा आदेश में पिंकी मीणा को APO किए जाने के पीछे ‘प्रशासनिक कारण’ बताया गया है। आदेश में किसी शिकायत, जांच या अन्य कार्रवाई का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। ऐसे में APO के वास्तविक कारणों को लेकर फिलहाल आधिकारिक तौर पर स्थिति साफ नहीं है।
पिंकी मीणा का मामला इससे पहले भी लंबे समय तक चर्चा में रहा है। 2021 में गिरफ्तारी के बाद उनका निलंबन करीब साढ़े पांच साल चला। मई 2026 में बहाली के बाद उन्हें सवाई माधोपुर में पोस्टिंग मिली और अगस्त में दौसा भेजा गया। लेकिन दौसा में कार्यभार संभालने से पहले ही सरकार ने उन्हें APO कर दिया।
अब देखना होगा कि सरकार उन्हें अगली पोस्टिंग कब और कहां देती है। फिलहाल वे किसी पद पर तैनात नहीं हैं और अगले आदेश का इंतजार करेंगी।
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